फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी सियासत: अब मायावती ने ईवीएम पर उठाए सवाल, बोलीं- कांग्रेस शासनकाल में भाजपा ने भी जताया था विरोध

Mon, 28 Sep 2026 12:26 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

कांग्रेस-सपा समेत विपक्ष के बाद अब मायावती ने भी ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वोटर के मन में किसी प्रकार की शंका नहीं रहनी चाहिए। आगे पढ़ें पूरी खबर...
Register For Event
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बसपा सुप्रीमो मायावती ने ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि मतदाता के मन में इस बात को लेकर कोई संदेह न रहे कि उसका वोट किसी दूसरे प्रत्याशी को चला गया या किसी और के खाते में दर्ज हो गया। ऐसी स्थिति लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था में लोगों के भरोसे के लिए गंभीर होगी।

विज्ञापन


मायावती ने कहा कि देश में शुरुआती चुनावों के बाद करीब पांच दशक तक मतदान के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ। बाद में चुनाव आयोग ने ईवीएम का इस्तेमाल शुरू कर दिया। जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब भाजपा ने भी ईवीएम का विरोध किया था। उस पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र में सरकार बनने के बाद भाजपा ने ईवीएम व्यवस्था को खत्म करने के बजाय इस प्रणाली को जारी क्यों रखा?
 

Trending Videos

बसपा ने शुरू से किया ईवीएम का विरोध

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बसपा ने शुरू से ही ईवीएम से मतदान का विरोध किया है। बसपा देश के दबे-कुचले, अनपढ़ और कम पढ़े-लिखे लोगों के हितों की बात करती है। इन वर्गों के बीच ईवीएम को लेकर आशंकाएं हैं।

मायावती ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की जीत का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर खास समर्थन नहीं होने के बावजूद उन्हें भाजपा की साजिश और ईवीएम में गड़बड़ी के जरिए जिताया गया। ताकि, बसपा को नुकसान पहुंचाया जा सके। 

उन्होंने सांसद चंद्रशेखर पर भी आरोप लगाए। कहा कि वह दलितों से जुड़े मामलों में अधिकारियों से बातचीत के बजाय धरना-प्रदर्शन करवाते हैं। इससे युवाओं पर कानूनी मामले दर्ज हो जाते हैं। ऐसे मामलों के कारण युवाओं को सरकारी नौकरी हासिल करने में परेशानी हो सकती है।
 

विज्ञापन

वीवीपैट को लेकर भी उठाए सवाल

मायावती ने कहा कि ईवीएम को लेकर आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिए जाने के बाद बसपा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव प्रक्रिया को चुनौती दी थी। ईवीएम व्यवस्था खत्म करने के बजाय अदालत ने ईवीएम के साथ वीवीपैट लगाने का निर्देश दिया।

उन्होंने वीवीपैट व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कहा कि सभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती नहीं होने के कारण ईवीएम में दर्ज मतों से उनका पूरा मिलान नहीं हो पाता। इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के साथ छेड़छाड़ और उन्हें दूर से हैक किए जाने की आशंका जताते हुए कहा कि इससे मतदाता के लिए अपने वोट के सही तरीके से दर्ज होने को लेकर भरोसा करना मुश्किल है।

दिल्ली-पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी चिंता जताई

मायावती ने दिल्ली के साथ-साथ पंजाब और अन्य राज्यों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। संबंधित राज्य सरकारों को इसे सुधारने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। यह जनहित में जरूरी है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें