लखनऊ। आम की खुशबू, रंग और स्वाद से सजे 800 प्रजातियों के ''मैंगो महाकुंभ'' में इस बार भी मलिहाबाद का दबदबा देखने को मिला। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव के समापन पर रविवार को अवध नर्सरी के संचालक मोहम्मद इकबाल अहमद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्श चुने गए। उन्होंने अकेले 20 पुरस्कार अपने नाम किए, जबकि महोत्सव में कुल 180 विजेताओं को सम्मानित किया गया। 1501 प्रतिभागियों ने 800 प्रजातियों के 3032 नमूने प्रदर्शित कर महोत्सव को पिछले वर्ष की तुलना में छह प्रतिशत अधिक भव्य बना दिया।
समापन समारोह में उद्यान मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आम की सात श्रेणियों और 56 वर्गों की प्रतियोगिता में 51 विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के कुल 147 पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का उद्यान विभाग किसानों की आय बढ़ाने और उत्तर प्रदेश के आम को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार नवाचार कर रहा है। आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन और निर्यात प्रोत्साहन के कारण प्रदेश का आम आज 30 से अधिक देशों तक पहुंच रहा है। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट विकसित होने के बाद निर्यात लागत घटेगी और कार्गो विमानों के जरिए आम सीधे वैश्विक बाजारों तक पहुंचेगा। समारोह में निदेशक उद्यान भानु प्रकाश राम ने सभी प्रतिभागियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक प्रभात वर्मा, पूजा पाल, एमएलसी पवन सिंह चौहान, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा, विशेष सचिव राज कमल यादव, वित्त नियंत्रक संजय कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ. सर्वेश कुमार, डॉ. राजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सलीम ने 17 पुरस्कार जीते
महोत्सव में सबसे ज्यादा चर्चा मलिहाबाद की अवध नर्सरी के संचालक मोहम्मद इकबाल अहमद की रही। चौसा प्रजाति के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्श का पुरस्कार मिला। उन्होंने 60 प्रजातियां प्रदर्शित की थीं, जिनमें से 20 को पुरस्कार मिला। मलिहाबाद के ही जैद नर्सरी के संचालक मोहम्मद अब्दुल सलीम ने 17 पुरस्कार जीते, जबकि गोमतीनगर के सुरेश चंद्र शुक्ला को 14 पुरस्कार मिले।
सर्वाधिक 190 प्रजातियों का प्रदर्शन करने पर सुरेश चंद्र शुक्ला को प्रथम पुुरस्कार प्रदर्शनी में सर्वाधिक 190 प्रजातियों का प्रदर्शन करने पर सुरेश चंद्र शुक्ला को प्रथम, 92 प्रजातियों के प्रदर्शन पर माल ब्लॉक की अवध आम उत्पादक सहकारी समिति संघ के उपेंद्र सिंह को द्वितीय तथा जौनपुर के सूर्यमणि यादव को 24 प्रजातियों के प्रदर्शन पर तृतीय पुरस्कार दिया गया। वहीं 8 से 12 वर्ष के बच्चों की आम खाने की प्रतियोगिता में रुचिर शुक्ला प्रथम, अरिक्ता सिंह द्वितीय और दीपांशु यादव तृतीय रहे।
पिछले साल की तरह आमों की लूट न हो सके, इसके लिए पुलिस मुस्तैद रही। प्रदर्शनी का कई बार गेट खोला और बंद किया गया लेकिन कोई भी जनता प्रदर्शनी तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस की मौजूदगी में जहां दर्शक शीशाबंद हॉल के बाहर खड़े आमों को निहारते रहे वहीं, प्रदर्शनी लगाने वाले बागवान अपने आम समेटते रहे। पिछली बार आम की लूट से हुई छीछालेदर से उद्यान विभाग सतर्क नजर आया।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव का हुआ समापन।