अवैध कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गठित चार टीमें बुधवार को मैदान में उतरीं। हालांकि, ज्यादातर इलाकों में कोचिंग सेंटर बंद मिलने से टीमों को वापस आना पड़ा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी का चार्ज संभाल रहीं प्रो. सुमन गुप्ता ने बताया कि हजरतगंज के आसपास, आलमबाग, अमीनाबाद, अलीगंज में टीमों ने पड़ताल की है। कई कोचिंग संस्थानों के नाम नोट किए गए हैं। टीम की निगरानी जारी रहेगी। कोचिंग खुलते ही कार्रवाई होगी।
इतना लगता है जुर्माना... अवैध कोचिंग चलाने पर उप्र कोचिंग
विनियमन अधिनियम और स्थानीय कानूनों के तहत 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार के मुताबिक पहली बार में 25 हजार, दूसरी बार में एक लाख रुपये जुर्माना और तीसरी बार में एफआईआर दर्ज कराने का नियम है। कोचिंग सेंटर शुरू करने के लिए स्थानीय स्तर पर ट्रेड लाइसेंस, शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट लाइसेंस और पंजीकरण प्रक्रिया का कुल शुल्क 2650 से 15,000 रुपये तक है। केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार, कोचिंग को पंजीकृत कराना अनिवार्य है।