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लखनऊ में अग्निकांड: 1200 झोपड़ियां जलकर राख, पटाखों की तरह फूटे सिलिंडर; आग बुझाने में लगीं 22 दमकल गाड़ियां

Wed, 15 Apr 2026 11:03 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Fire in Lucknow: लखनऊ में बुधवार शाम विकास नगर इलाके में भीषण आग लग गई। अभी तक आ रही जानकारी के अनुसार इसमें कोई जनहानि नहीं हुई है। 
 
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लखनऊ में भीषण अग्निकांड। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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लखनऊ के विकासनगर सेक्टर-12 रिंग सड़क किनारे बस्ती अवैध बस्ती में बुधवार शाम आग लग गई। देखते ही देखते आग ने 1200 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों में रखे 100 के करीब गैस सिलिंडर भी फटे। आग से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। बस्ती में बनी झोपड़ियों से लोग जान बचाकर भागने लगे। 22 दमकल की गाड़ियों ने मिलकर आग बुझाने का काम शुरू किया जो रात 10 बजे तक चलता रहा। आग से 50 के करीब मवेशियों के जिंदा जलने की सूचना है, पर इसकी पुष्टि नहीं हुई। कुछ बच्चे भी लापता है। पुलिस व प्रशासन बस्ती में सर्च ऑपरेशन चला रहा है। लोगों का आरोप है कि समय पर पुलिस व दमकल नहीं पहुंची और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। नाराज लोगों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से तीखी नोकझोक और धक्का-मुक्की भी हुई।

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विकासनगर सेक्टर-12 स्थित मिनी स्टेडियम से कुछ दूरी पर तीन बीघा खाली जमीन पर वर्षो से लोग झोपड़ी बना कर रह रहे थे। रोज की तरह मंगलवार सब कुछ सामान्य था। शाम करीब पांच बजे अचानक एक मस्जिद नूमा झोपड़ी में आग लग। आग देखते ही वहां मौजूद लोगों ने उसको बुझाने की कोशिश की पर नाकाम रहे। आरोप है कि मदद के लिए पुलिस कंट्रोल रूम को फोन लगाया गया, पर कॉल नहीं लगी। कुछ देर के बाद कॉल लगी और सूचना दी गई। मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि सूचना के एक घंटे के बाद पुलिस व दमकल की गाड़ियां पहुंची। देरी की वजह से आग विकराल रूप ले चुकी थी। एक के बाद एक झोपड़ियां धूं-धूं करके जलने लगीं।

शोर मचाते हुए लोग जान बचाकर भाग, मची भगदड़

बस्ती में लगी आग देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाकर चीखते-चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगे। सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। आसपास की दुकानें बंद कर दी गई। ट्रैफिक भी रुक गया। मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल कर्मियों ने आग का भयानक रूप देखा अधिकारियों को इस बारे में खबर दी। देखते ही देखते पुलिस व प्रशासन के आलाधिकारी और 22 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई।

एक के बाद एक 100 गैस सिलिंडर दगे, 50 मवेशी जले
बस्ती में लगी आग के चलते झोपड़ियों में रखे गैस सिलिंडर एक के बाद एक दगना शुरू हो गए। गैस सिलिंडरों के धमाके से पूरा इलाका दहल उठा। बस्ती में रहने वाले लोगों का कहना है कि आग से दो गाय और करीब 50 बकरियां जिंदा जल गईं। फिलहाल मवेशियों के जलने की पुष्टि पुलिस व प्रशासन ने नहीं की है।
 

आसपास के 30 घरों को कराया गया खाली

आग के बाद का नजारा। - फोटो : अमर उजाला।
आग का विकराल रूप देख पुलिस व प्रशासन ने बस्ती के चारों तरफ बने 30 घरों को खाली करा लिया। आग की खबर पाकर मौके पर डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर, जिलाधिकारी वी. विशाख सहित कई थानों की फोर्स, एसडीआरएफ और डॉक्टरों की टीम को बुला लिया गया। रात 10 बजे तक दमकल कर्मियों ने किसी तरह आग पर कुछ हद तक काबू पा लिया था।

पांच किलोमीटर तक दिखा धुआं, ट्रैफिक भी थमा
बस्ती में लगी आग इतनी भयानक थी कि आग की लपटें और धुएँ का गुब्बार पांच किलोमीटर दूर तक नजर आ रहा था। रिंग सड़क की तरफ जाने वाला यातायात भी आग की वजह से कई घंटे तक प्रभावित रहा। खूर्रमनगर, विकासनगर, मिनी स्टेडियम और रिंग सड़क के इलाके में ट्रैफिक जाम लग गया। बाद में पुलिस ने किसी तरह यातायात को सामान्य किया।

उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी: डिप्टी सीएम

घटना के बाद मौके पर पहुंचे डीएम और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक। - फोटो : अमर उजाला।
अग्निकांड की सूचना पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। पीड़ित परिवारों के साथ हर परिस्थिति में सरकार खड़ी है। उन्होंने मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों को बुलाया एवं घटना में घायल हुए लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त, एसडीआरएफ एवं अन्य अधिकारियों के साथ इस घटना में बचाव कार्यों को लेकर विस्तृत वार्ता की और पीड़ित परिवारों के रहने व भोजन व्यवस्था के लिए आदेश दिया।



 
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डीएम ने अग्निशमन अधिकारी से तलब की रिपोर्ट

 डीएम विशाख जी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर उन्होंने मौका मुआयना किया है। अग्निकांड की असल वजह फिलहाल पता नहीं लग सकी है। लिहाजा इसकी जांच मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सौंपी है। मौके पर पहुंची पुलिस, नगर निगम और प्रशासन की टीम की ओर से पीड़ितों को पास के पार्क में एकत्र किया गया था। उनकी संख्या करीब 250 है। उन्हें नगर निगम के रैनबसेरा शिविर में शिफ्ट किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम को पीड़ितों की मदद के लिए लगाया गया है। फिलहाल किसी जनहानि की कोई सूचना नहीं है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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