लखनऊ के हसनगंज के सराय हसनगंज निवासी दो सगे भाई मो. मुस्तकीम और सुलेमान दिल्ली में बैठे चचेरे भाई हारून की मदद से लखनऊ में नकली नोट खपा रहे थे। मंगलवार को नाका पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 30 हजार रुपये के नकली नोट और दो मोबाइल फोन मिले हैं। पुलिस आरोपी हारून और उसके गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में पता लगा रही है। आरोपियों के मुताबिक, वे एक लाख रुपये के असली नोट के बदले ढाई लाख रुपये के नकली नोट सप्लाई करते थे।
इंस्पेक्टर नाका विवेक चौधरी ने बताया कि मंगलवार को दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास झोपड़पट्टी से दोनों सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उनका चचेरा भाई हारून दिल्ली से कुछ जानने वालों के जरिये उन तक नकली नोट भेजता था। हारून ही ग्राहक की जानकारी और मिलने का स्थान तय करता था। इसके बाद डिलीवरी के वक्त व्हाट्सऐप पर नोट सप्लाई करने की लोकेशन भेजी जाती थी। साथ ही नोट लेने वाले की पहचान के लिए उसकी शर्ट का रंग भी बताया जाता था। आरोपी भाई नकली नोट लेकर हारून की बताई लोकेशन पर पहुंचते और शर्ट के रंग की मदद से नकली नोट संबंधित व्यक्ति के हवाले कर देते थे।
कमीशन काटकर बाकी रकम हारून को ऑनलाइन भेजते थे
दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ग्राहक से मिले असली नोटों में से अपना कमीशन काटकर बाकी रकम हारून को ऑनलाइन भेज देते थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि वे हर सप्ताह दो बार हारून के कहने पर नकली नोट सप्लाई करते थे। अब पुलिस दिल्ली में बैठे हारून और उसके पूरे नेटवर्क के बारे में पता लगा रही है। नाका पुलिस की एक टीम हारून की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली भेजी जाएगी। वहीं, पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने लखनऊ में किन-किन लोगों को नकली नोट सप्लाई किए थे। आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और चैट भी पुलिस खंगाल रही है।