लखनऊ। बिजनौर के रॉयल सिटी इलाके में किराये के मकान में रहने वाले महेंद्र यादव (29) ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खाकर दे दी। इसके अलावा, पत्नी से झगड़े के बाद इटौंजा निवासी चंद्रभाल (30) ने फंदा लगा लिया।
मूलरूप से बांदा के उसरहनी गांव निवासी महेंद्र यादव श्रमिक थे। परिवार में पत्नी उमाकांती और तीन साल का बेटा है। उनके पड़ोसी नरेंद्र ने बताया कि मंगलवार शाम पांच बजे महेंद्र मजदूरी कर घर लौटे। थोड़ी देर बाद वह बेटे के लिए दूध और बिस्कुट लेने गए थे। वहां से आने के कुछ देर के बाद अचानक उन्हें उल्टियां होने लगीं। उनकी पत्नी उमाकांती ने उनसे मदद मांगी। महेंद्र को लोगों की मदद से लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया। वहां महेंद्र ने बताया कि बीते कुछ दिनों से काम नहीं था। उन पर कुछ कर्ज हो गया था। इससे वह काफी परेशान थे। इस कारण उन्होंने सल्फास खा लिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। औरंगाबाद चौकी इंचार्ज रवींद्र सिंह का कहना है कि परिजनों ने किसी तरह का आरोप नहीं लगाया है।
इसके अलावा, इटौंजा के पृथ्वीपुर निवासी श्रमिक चंद्रभाल ने मंगलवार की रात लगभग आठ बजे घर में लगे पंखे के कुंडे से साड़ी के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक चंद्रभाल का पत्नी रामश्री से नशे के कारण झगड़ा हो गया था।