इसके प्रथम चरण में बसों में जीपीएस लगाने का सिलसिला शुरू हो गया है। अब तक जिन 200 बसों में जीपीएस लगा है उनकी मानिटरिंग करके लोकेशन पर नजर रखी जा रही है।
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ऐसी बसें जो किसी ढाबे या अन्य जगहों पर काफी देर तक खड़ी रहती हैं, उसके डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को रिपोर्ट भेजकर जवाब तलब किया जा रहा है।