लखनऊ। नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन (एनएमओ) ने केजीएमयू में कथित धर्मांतरण, फर्जी नियुक्तियों और सुरक्षा खामियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने इन मामलों की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। एनएमओ का कहना है कि इन घटनाओं से संस्थान की गरिमा, शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक विश्वसनीयता को क्षति पहुंची है।
नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन के महानगर संयोजक डॉ. शिवम कृष्णन त्रिपाठी ने कहा कि परिसर में हिंदू महिला चिकित्सकों को फंसाने, ब्लैकमेल करने और धर्मांतरण के प्रयास के कई मामले सामने आए हैं। इसमें डॉ. रमीजुद्दीन नायक का मामला भी शामिल है, जिसमें संस्थान का प्रारंभिक रवैया असंवेदनशील रहा। संगठन ने कुलपति के ओएसडी की फर्जी नियुक्ति का भी आरोप लगाया, जिसकी पुष्टि एसटीएफ जांच से होने की बात कही गई है।
इसके अतिरिक्त, परिसर में अवैध मजारों का मुद्दा भी उठाया गया, जिन पर प्रशासन के जरिये बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में फर्जी डॉक्टर भी पकड़ा गया। संगठन ने मुख्यमंत्री से इन मामलों की स्वतंत्र, उच्च स्तरीय और समयबद्ध जांच कराने व दोषी अधिकारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।