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Lucknow News: बस दो मिनट में लीजिए मनपसंद लाख की चूड़ियां

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क्राफ्ट रूट्स प्रदर्शनी में लाख की चूड़ियां बनाते आवाज मोहम्मद और पत्र चित्र के साथ ओडिशा के अक
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लखनऊ। सिर्फ दो मिनट में लाख की खूबसूरत चूड़ी और कंगन तैयार कर देते हैं, साथ में आपको शायरी भी सुनाते हैं। यही हुनर है 78 साल के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त आवाज मोहम्मद के हाथों का, जिसने लखनवियों को अपना दीवाना बना दिया है। वे अपनी बेटी गुलरुख सुल्ताना के साथ इन दिनों सफेद बारादरी में लगी पांच दिवसीय क्राफ्ट रूट्स प्रदर्शनी में आए हुए हैं। यहां अपने स्टॉल पर एक से एक रंग-बिरंगी खूबसूरत लाख की चूड़ियों, कंगन और चूड़ा के साथ वे आपकी मांग पर तुरंत मनपसंद चूड़ी भी तैयार कर देते हैं।
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65 साल से लाख की चूड़ियां बनाने का काम कर रहे आवाज मोहम्मद ने बताया कि देश की आजादी से ठीक तीन माह पहले मई 1947 में उनका जन्म हुआ था। उनके पहले की कई पीढि़यों में लाख की चूड़ियां बनाने का काम होता था, इसलिए वे किशोरावस्था से इस काम में लग गए थे। आवाज मोहम्मद ने बताया कि 10वीं की पढ़ाई के बाद उन्होंने आईटीआई से डाई फिटर की पढ़ाई की, लेकिन उनके वालिद फैज मोहम्मद ने परिवार के व्यवसाय में हाथ बंटाने के लिए उन्हें वापस जयपुर बुला लिया। इसके बाद उन्होंने इसी व्यवसाय को अपना लिया।

तकरीबन 25 देशों में अलग-अलग प्रदर्शनियों में लाख की चूड़ियों का प्रदर्शन कर चुके आवाज मोहम्मद को उत्कृष्ट योगदान के लिए 2013 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें 2016 में देहरादून में राष्ट्रीय उद्योग सम्मान से नवाजा जा चुका है। शनिवार को उनके स्टॉल पर मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी भी पहुंचे और उनके इस हुनर के कायल हो गए। उनकी बेटी गुलरुख ने बताया कि वे भी अपने पुरखों को इस व्यवसाय को ही आगे बढ़ा रही हैं।
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अद्भुत है ओडिशा के अक्षय कुमार के पत्रचित्रों में महीन कारीगरी

पारंपरिक भारतीय चित्रकला की खास शैली पत्रचित्रों को लेकर प्रदर्शनी में आए हैं ओडिशा के कलाकार अक्षय कुमार। वर्ष 2011 में हस्तशिल्प के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजे जा चुके अक्षय कुमार ने बताया कि इस शैली की खास बात है कि इनमें सभी रंग प्राकृतिक स्रोतों जैसे पौधों, सब्जियों या खनिजों से बनाए जाते हैं और इनके लिए एक खास कपड़े या कागज का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया में इमली का पानी या लकड़ी के गोंद का प्रयोग किया जाता है। इनमें भगवान जगन्नाथ और वैष्णव परंपराओं पर आधारित कहानियों को दर्शाया जाता है। उनके पास दो हजार से लेकर ढाई लाख तक के पत्रचित्र मौजूद हैं। कुछ विशेष पत्रचित्र इससे भी अधिक कीमत के हैं। बांस से बने इन पत्रचित्रों में इतनी महीन कारीगरी की गई है कि देखने वाले भी अचरज में पड़ जाते हैं।
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क्राफ्ट रूट्स प्रदर्शनी में लाख की चूड़ियां बनाते आवाज मोहम्मद और पत्र चित्र के साथ ओडिशा के अक

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