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Lucknow News: लोहिया व केजीएमयू की विरोधाभासी रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, दोबारा नैट की तैयारी

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प्रतीकात्मक।
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लखनऊ। रहीमाबाद के तरौना और जालामऊ गांव के लोगों की हेपेटाइटिस बी की जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का कारण बन गई है। लोहिया संस्थान में न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (नैट) में पॉजिटिव आई रिपोर्टों के बाद जब केजीएमयू की एलाइजा जांच कराई गई तो ज्यादातर नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आई। इन विरोधाभासी रिपोर्टों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग केजीएमयू में ही दोबारा नैट जांच कराने जा रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि एलाइजा जांच की संवेदनशीलता कभी-कभी कम हो सकती है, खासकर संक्रमण के शुरुआती चरणों में। इसलिए अधिक सटीक परिणाम प्राप्त करने के लिए नैट जांच जरूरी है। यह टेस्ट हेपेटाइटिस बी वायरस के डीएनए या आरएनए का सीधे पता लगाती है, जिससे यह अधिक विश्वसनीय मानी जाती है। इस मामले में पहले ही लोहिया संस्थान में नैट जांच हो चुकी थी। इसलिए अब केजीएमयू में नैट जांच कराने के लिए सैंपल भेजे गए हैं। केजीएमयू की नैट जांच में सैंपल में संक्रमण की पुष्टि नहीं होने का मतलब यह होगा कि पहले कोई चूक हुई होगी।

आगे की रणनीति और रोकथाम

स्वास्थ्य विभाग ने नैट टेस्ट के परिणामों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करने की योजना बनाई है। संक्रमित मिलने वाले व्यक्तियों का तत्काल उपचार किया जाएगा। गांव में हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। लोगों को संक्रमण से बचाव के तरीकों और टीकाकरण के महत्व के बारे में शिक्षित किया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग ने 54 लोगों की रैपिड जांच की, रिपोर्ट निगेटिव

मलिहाबाद इलाके में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाल दिया। टीम ने संक्रमित मिले मरीजों के परिजनों के नमूने लेकर जांच की। इस दौरान कोई भी संक्रमित नहीं मिला।
मलिहाबाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि रहीमाबाद के तरौना और जालामऊ गांव के हेपेटाइटिस बी संक्रमितों के परिवारों और उनके संपर्क में रहने वाले लोगों का रैपिड टेस्ट किया गया। तरौना में 43 और जालामऊ में 11 लोगों की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि कई पीड़ित परिवारों ने जांच कराने से मना कर दिया है। वहीं, ग्रामीणों में हेपेटाइटिस बी की बीमारी को लेकर दहशत है। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम ने नमूना जांच के लिए केजीएमयू नहीं भेजा। खानापूर्ति के लिए रैपिड जांच कर मामले को निपटा दिया गया।
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