गांव की महिलाओं के साथ सोमवार सुबह नित्यक्रिया के लिए खेत जाने को निकली एक महिला पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने झपट्टा मारा, महिलाएं शोर मचाते हुए तेंदुए से भिड़ गईं। हाथ में लिए लोटे से पांच मिनट तक तेंदुआ का सामना करते हुए महिलाओं ने संघर्ष किया। गंभीर रूप से घायल महिला को सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
दलजीतपुरवा गांव निवासी उपमा देवी (50) रोज की तरह सुबह करीब छह बजे गांव की अन्य महिलाओं के साथ शौच के लिए लाही के खेत की ओर जा रही थीं। वह सबसे पीछे चल रही थीं, तभी पहले से छिपे तेंदुए ने पीछे से अचानक झपट्टा मार दिया। उपमा देवी की चीख सुनकर साथ चल रही महिलाएं पलटीं तो सामने तेंदुए को देखकर चीख पड़ीं। इसके बाद खुद को संभालते हुए महिलाएं तेंदुए से भिड़ गईं। उनके पास जो भी था, उसी को हथियार बना लिया। पानी से भरे लोटों से तेंदुए पर ताबड़तोड़ प्रहार किया। लगभग पांच मिनट तक तेंदुए और महिलाओं के बीच संघर्ष हुआ। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ देखकर तेंदुआ झाड़ियों में चला गया। हमले में महिला के चेहरे, कंधे व पीठ पर गहरे जख्म हुए हैं।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने घायल उपमा देवी को तत्काल निजी वाहन से सीएचसी मोतीपुर पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार महिला के शरीर पर गहरे जख्म हैं, हालांकि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
वन क्षेत्राधिकारी एसके तिवारी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने, समूह में बाहर निकलने और खेतों की ओर अकेले न जाने की अपील की है। साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल पांच हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई है।