लखनऊ। पावर कॉर्पोशन निविदा-संविदा कर्मचारी संघ ने आरोप लगाए हैं कि वर्टिकल सिस्टम के लागू होते ही 4,620 आउटसोर्स कर्मचारियों में से केवल 1,007 कर्मियों को ही काम पर रखा जाएगा, जबकि 3,613 कर्मचारियों को हटा दिया जाएगा। संघ ने इसके विरोध में बैठक कर एक नवंबर से आंदोलन का निर्णय लिया है।
संघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि वर्टिकल व्यवस्था में प्रत्येक उपकेंद्र पर औसतन 6.5 आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती का प्रावधान है। वर्तमान में राजधानी में 4,620 आउटसोर्स कर्मचारी 154 बिजली घर संभाल रहे हैं। संघ की बैठक में सुरेंद्र बाजपेई, रंजीत कन्नौजिया, अरुण यादव, सुभम वर्मा, राकेश पाठक, मुन्ना और अवधेश सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, मध्यांचल निगम की प्रबंध निदेशक (एमडी) ने बयान जारी कर कहा कि वर्टिकल सिस्टम में किसी भी आउटसोर्स कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा। नई व्यवस्था केवल कार्य प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लागू की जा रही है।