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रजत जयंती से पहले चुनावी पथ पर अकेले ही रथ लेकर निकलेंगे अखिलेश

Thu, 20 Oct 2016 01:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अख‌िलेश यादव - फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी में शीर्ष स्तर पर संग्राम के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सपा के रजत जयंती समारोह से दो दिन पहले ही चुनावी रथ पर सवार हो जाएंगे। उन्होंने ‘विकास से विजय की ओर’ समाजवादी विकास रथयात्रा तीन नवंबर से शुरू करने का एलान किया।
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अखिलेश ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को पत्र लिखकर यात्रा की जानकारी दी। अब यह भी तय हो गया कि अखिलेश पांच नवंबर को सपा के रजत जयंती समारोह में शामिल नहीं होंगे। युवा संगठनों के समारोह के बहिष्कार के बाद यह सपा के लिए यह दूसरा बड़ा झटका है।

सपा का मौजूदा विवाद 13 सितंबर को उस समय शुरू हुआ था जब अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर शिवपाल यादव को कमान गई थी। इसके अगले ही दिन अखिलेश ने घोषणा की थी कि वे 3 अक्तूबर से समाजवादी विकास रथयात्रा निकालेंगे। तब यात्रा को स्थगित कर दिया गया था।
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बुधवार को सीएम ने मुलायम सिंह को पत्र लिखकर कहा कि तीन अक्तूबर को किन्हीं कारणों से यात्रा शुरू नहीं की जा सकी थी। इस समय सभी राजनीतिक दल अपनी पार्टी के प्रचार में जुट गए हैं। ऐसी दशा में सरकार बनाने के लिए मैं चुनाव प्रचार के उद्देश्य से विकास रथयात्रा प्रारंभ करने जा रहा हूं।

इसका विस्तृत कार्यक्रम जिलाध्यक्षों व कार्यकर्ताओं को समय-समय पर भेजा जाएगा। उन्होंने रथयात्रा प्रारंभ करने की जानकारी राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को भी दी है।
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रथयात्रा के बहाने रजत जयंती से किनारा

माना जा रहा है कि अखिलेश ने रथयात्रा के बहाने 5 नवंबर को जनेश्वर मिश्र पार्क में सपा के रजत जयंती समारोह से किनारा कर लिया है। समारोह की घोषणा मुलायम सिंह ने 14 अक्तूबर को की थी।

मंगलवार को ही सपा के युवा संगठनों ने रजत जयंती समारोह के बहिष्कार का फैसला किया। तभी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि यूथ ब्रिगेड के बिना सीएम भी समारोह में शामिल नहीं होंगे।

एक्सप्रेस-वे पर वाया सैफई आगरा तक रहेगा रूट
‘विकास से विजय की ओर’ अखिलेश की विकास रथयात्रा विकास का सिंबल बनाकर पेश किए जा रहे समाजवादी एक्सप्रेस-वे से गुजरेगी। पहले चरण में रथयात्रा का रूट लखनऊ से आगरा हो सकता है। इस दौरान सीएम एक दिन सैफई में रुक सकते हैं। दरअसल, इस रूट पर वे सभी जिले पड़ते हैं, जिन्हें सपा का परंपरागत गढ़ माना जाता है।
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आधुनिक सुविधाओं से लैस है रथ

मुख्यमंत्री के लिए बस को भव्य रथ का रूप दिया गया है। इस एयरकंडीशंड रथ में सीएम का दफ्तर भी रहेगा और आराम करने के लिए केबिन भी। इसमें साउंड सिस्टम के साथ ही हाइड्रोलिक लिफ्ट लगी हुई है। इससे सभाओं को संबोधित किया जा सकता है।

हर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी सभा
रथयात्रा का जिम्मा युवा नेताओं पर रहेगा। उनका तमाम स्थानों पर स्वागत किया जाएगा। कोशिश रहेगी कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी सभा हो। बीच-बीच में स्वागत और नुक्कड़ सभाएं चलती रहेंगी।
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