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Jantar Mantar History: जंतर-मंतर का नाम कैसे पड़ा? जानिए 300 साल पुरानी कहानी

Fri, 24 Jul 2026 12:19 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Delhi Jantar Mantar : जंतर-मंतर का नाम जंतर-मंतर क्यों पड़ा?
'जंतर' शब्द संस्कृत के 'यंत्र' से निकला है, जिसका अर्थ है वैज्ञानिक उपकरण, जबकि 'मंतर' शब्द 'मंत्र' का परिवर्तित रूप माना जाता है। समय के साथ बोलचाल में 'यंत्र-मंत्र' शब्द 'जंतर-मंतर' बन गया। यहां मौजूद विशाल खगोलीय यंत्रों का उपयोग सूर्य, चंद्रमा, ग्रहों की स्थिति, समय और खगोलीय गणनाओं के अध्ययन के लिए किया जाता था। इसका जादू-टोने या तंत्र-मंत्र से कोई संबंध नहीं है।
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जंतर मंतर से जुड़े रोचक तथ्य - फोटो : AI
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विस्तार
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Jantar Mantar Interesting Facts: इन दिनों नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सीजेआई समेत हजारों युवा दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहे हैं। इसके बाद से एक बार फिर जंतर मंतर चर्चा में है। धरना-प्रदर्शन से अलग जंतर-मंतर दिल्ली के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में से एक है।

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दिल्ली आने वाले अधिकांश पर्यटक इंडिया गेट, लाल किला और कुतुब मीनार के साथ जंतर-मंतर भी देखने जरूर जाते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस ऐतिहासिक स्मारक का नाम आखिर जंतर-मंतर क्यों रखा गया और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। कई लोगों को इसके नाम से यह भ्रम होता है कि इसका संबंध किसी तंत्र-मंत्र या जादुई गतिविधि से होगा, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।

दरअसल, जंतर-मंतर भारत की वैज्ञानिक और खगोलीय विरासत का एक शानदार उदाहरण है, जहां सदियों पहले बिना आधुनिक तकनीक के ग्रहों, तारों और समय की सटीक गणना की जाती थी। 18वीं शताब्दी में निर्मित यह वेधशाला उस दौर की वैज्ञानिक सोच और स्थापत्य कला का अद्भुत संगम मानी जाती है। यहां मौजूद विशाल पत्थर और ईंटों से बने यंत्र आज भी दुनिया भर के इतिहास प्रेमियों, छात्रों और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
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अगर आप दिल्ली घूमने का प्लान बना रहे हैं या भारत की ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानने के शौकीन हैं, तो जंतर-मंतर की कहानी आपको जरूर रोमांचित करेगी। आइए जानते हैं कि इस जगह का नाम कैसे पड़ा, इसे किसने बनवाया, इसका वैज्ञानिक महत्व क्या है और यहां घूमने से पहले किन रोचक तथ्यों को जानना चाहिए।


जंतर-मंतर का नाम आखिर क्यों पड़ा?

जंतर-मंतर नाम सुनते ही कई लोगों के मन में तंत्र-मंत्र या जादू-टोने की छवि बन जाती है, लेकिन इसका वास्तविक अर्थ पूरी तरह वैज्ञानिक है। 'जंतर' शब्द संस्कृत के 'यंत्र' से निकला है, जिसका अर्थ उपकरण या वैज्ञानिक यंत्र होता है। वहीं 'मंतर' शब्द 'मंत्र' का परिवर्तित रूप है, जो यहां गणना और ज्ञान की परंपरा से जुड़ा माना जाता है। समय के साथ 'यंत्र-मंत्र' बोलचाल में बदलकर 'जंतर-मंतर' बन गया। यहां स्थापित सभी संरचनाएं खगोलीय अवलोकन के लिए बनाई गई थीं।


किसने बनवाया था जंतर-मंतर?

दिल्ली का जंतर-मंतर महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने वर्ष 1724 में बनवाया था। वे केवल शासक ही नहीं, बल्कि खगोल विज्ञान और गणित में गहरी रुचि रखने वाले विद्वान भी थे। उन्होंने दिल्ली के अलावा जयपुर, उज्जैन, मथुरा और वाराणसी में भी वेधशालाओं का निर्माण कराया। इन वेधशालाओं का उद्देश्य खगोलीय घटनाओं का अधिक सटीक अध्ययन करना और उस समय प्रचलित खगोलीय गणनाओं में सुधार करना था।


यहां कौन-कौन से यंत्र मौजूद हैं?

जंतर-मंतर में कई विशाल खगोलीय यंत्र बनाए गए हैं, जिनमें सम्राट यंत्र, जयप्रकाश यंत्र, राम यंत्र और मिश्र यंत्र प्रमुख हैं। इन यंत्रों की सहायता से समय, सूर्य की ऊंचाई, ग्रहों की स्थिति, दिशा और अन्य खगोलीय आंकड़ों का अध्ययन किया जाता था। इनकी खास बात यह है कि इन्हें पत्थर और ईंट से इस तरह बनाया गया कि उस समय उपलब्ध तकनीक के अनुसार अत्यंत सटीक माप संभव हो सके।


जंतर-मंतर से जुड़े रोचक तथ्य

दिल्ली का जंतर-मंतर भारत की सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक वेधशालाओं में से एक है। हालांकि, सबसे बड़ा और सबसे अच्छी तरह संरक्षित जंतर-मंतर जयपुर में स्थित है, जिसे आज विश्व स्तर पर विशेष पहचान प्राप्त है। हर साल लाखों भारतीय और विदेशी पर्यटक यहां आते हैं। इतिहास, विज्ञान और वास्तुकला का अनोखा मेल होने के कारण यह छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है।


जंतर-मंतर घूमने क्यों जाना चाहिए?

अगर आपको इतिहास, विज्ञान और वास्तुकला में रुचि है, तो जंतर-मंतर आपकी यात्रा सूची में जरूर होना चाहिए। यहां घूमते हुए आप समझ सकते हैं कि लगभग 300 वर्ष पहले भारतीय वैज्ञानिकों और खगोलविदों ने किस तरह बिना आधुनिक उपकरणों के ब्रह्मांड का अध्ययन किया। सुबह या शाम के समय यहां का वातावरण फोटोग्राफी और घूमने के लिए भी काफी अनुकूल रहता है। आसपास स्थित कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और राष्ट्रीय संग्रहालय जैसी जगहों को भी एक ही ट्रिप में देखा जा सकता है।

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