Healthy Routine : आजकल डिटॉक्स’ शब्द काफी आम हो गया है। सोशल मीडिया पर कई तरह के डिटॉक्स ड्रिंक, जूस क्लीनज, लंबे उपवास और सप्लीमेंट्स को शरीर को साफ या रीसेट करने का तरीका बताया जाता है। लेकिन क्या स्वस्थ रहने के लिए बार-बार किसी खास डिटॉक्स प्लान की जरूरत होती है?
व्यायाम को केवल वजन कम करने का तरीका न मानें। रोजाना शरीर को सक्रिय रखना भी स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है।
4. नींद को भी दें उतनी ही अहमियत
अगर आप रोज देर रात तक जागते हैं और दिनभर की थकान को कॉफी या एनर्जी ड्रिंक से संभालने की कोशिश करते हैं, तो कोई डिटॉक्स प्लान इसका विकल्प नहीं बन सकता।
सोने और उठने का समय जितना संभव हो, नियमित रखें। सोने से पहले मोबाइल और दूसरी स्क्रीन का इस्तेमाल कम करने की कोशिश करें।
अच्छी नींद शरीर और दिमाग को आराम देने के लिए जरूरी है। इसलिए फिटनेस रूटीन में नींद को भी प्राथमिकता दें।
5. शरीर नहीं, अपनी दिनचर्या को ‘रीसेट’ करें
अगर आपकी रोज की आदतों में देर रात तक जागना, अनियमित खाना, कम शारीरिक गतिविधि और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड शामिल है, तो कुछ दिनों का डिटॉक्स इन आदतों की जगह नहीं ले सकता।
इसके बजाय महीने में एक बार अपनी दिनचर्या का छोटा सा रूटीन ऑडिट करें। खुद से पूछें,
इन सवालों से आपको अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव की जरूरत वाले हिस्सों को पहचानने में मदद मिल सकती है।
6. तनाव को भी गंभीरता से लें
स्वास्थ्य सिर्फ खान-पान और एक्सरसाइज का नाम नहीं है। लगातार तनाव नींद, खाने की आदतों और रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए दिन में कुछ समय खुद के लिए निकालें। आप गहरी सांस लेने, ध्यान, योग, संगीत सुनने, टहलने या कुछ समय स्क्रीन से दूर रहने जैसी गतिविधियों को आजमा सकते हैं। ये तरीके किसी बीमारी का इलाज नहीं हैं, लेकिन तनाव को संभालने वाली स्वस्थ दिनचर्या का हिस्सा हो सकते हैं।
7. ‘नेचुरल’ या ‘डिटॉक्स’ लिखा देखकर तुरंत भरोसा न करें
किसी उत्पाद पर नेचुरल, हर्बल या डिटॉक्स लिखा होना यह साबित नहीं करता कि वह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित है। कुछ हर्बल उत्पाद और सप्लीमेंट्स दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं या कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में नुकसान पहुंचा सकते हैं।
अगर लगातार थकान, पाचन संबंधी परेशानी, अचानक वजन में बदलाव या कोई दूसरा चिंताजनक लक्षण है, तो इसे केवल ‘टॉक्सिन’ की समस्या मानकर खुद से डिटॉक्स शुरू न करें। लगातार लक्षण होने पर योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।