विज्ञापन

लहरें गवाह हैं

Shelendra Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समंदर के किनारे बैठ,जिस सुकूँ की तलाश में हो,
        
                                                    
                            
दरअसल, भीतर के शोर को थामने की आस में हो।

वक्त मिलता कहां की बात अपने आप से कर लो
लहरें गवाह हैं कि तुम, किसी गहरी प्यास में हो।
-शैलेंद्र शुक्ला"हलदौना "
1 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all