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तेरे नाम से चमक जाऊँ

prashant gouryan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मत ना इतना तड़पाओ,
        
                                                    
                            
कि दीदार को ही तेरे तरस जाऊँ,
वो जो हूँ दीवाना मैं तेरी अदाओं का,
बस खुशबू बन तुझमें ही रम जाऊँ,
कि वो जो रश्मि निकलती है,
सुबह के सूरज की चमक से,
वैसे ही बस तेरे नाम से साहिल,
मैं भी अब रोशन हो जाऊँ..!
एक महीने पहले
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