सार
रांची में जेपीएससी में कथित धांधली के विरोध में आंदोलनरत छात्रों के तीन गुटों और राज्य सरकार के बीच वार्ता शुरू हुई। छात्रों ने मांगें पूरी होने की उम्मीद जताई, लेकिन चेतावनी दी कि समाधान नहीं निकला तो आंदोलन अगले चरण में जाएगा।
जेपीएससी में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के बीच बैठक शुरू हो गई है। सरकार छात्र संगठनों के तीन गुटों देवेंद्रनाथ गुट, छात्र संघ गुट और आईसा गुट के साथ अलग-अलग वार्ता कर रही है।
बैठक में शामिल छात्र प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा कि हम सकारात्मक सोच के साथ बैठक में जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हमारी मांगों पर सरकार सकारात्मक फैसला लेगी। अगर हमारी बात नहीं सुनी गई, तो कल के लिए हमारी तैयारियां पूरी हैं।
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पहले भी हो चुकी है वार्ता
इससे पहले भी सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई थी। उस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी अंतिम सहमति पर फैसला नहीं हो सका। इसके बाद छात्रों ने अपना सत्याग्रह आंदोलन जारी रखने का एलान किया था। वहीं, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया था कि छात्र एक वेबसाइट के माध्यम से अपनी राय और सुझाव सरकार तक भेज सकते हैं। सरकार की ओर से चार मंत्री छात्र प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहे हैं।
बातचीत विफल हुई तो आगे क्या?
यदि वार्ता विफल रहती है तो छात्रों ने 10 अगस्त को रांची में बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उनका दावा है कि यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलनों से भी बड़ा हो सकता है। छात्रों का कहना है कि झारखंड के सभी जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी छात्र रांची पहुंचेंगे। छात्रों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ऐसे में यदि बातचीत बेनतीजा रहती है तो विधानसभा घेराव और झारखंड बंद जैसे बड़े आंदोलन भी देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच वार्ता जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बातचीत से क्या निष्कर्ष निकलता है। यह आंदोलन पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।