झारखंड में छात्रों का विधानसभा घेराव का एलान
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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार यह दावा कर रही है कि उनकी 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि छात्रों की 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग में से सिर्फ तीन परीक्षाओं को रद्द करने की बात स्वीकार की गई है। छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
‘सरकार का 98 फीसदी मांगें मानने का दावा गलत’
रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदर्शनकारी छात्र नेता ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगें पूरी करने को लेकर गलत तस्वीर पेश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने केवल तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है। छात्र नेता ने कहा कि इसे 98 फीसदी मांगें पूरी होना बताना छात्रों को गुमराह करने जैसा है। उन्होंने सरकार से बाकी मांगों पर भी स्पष्ट फैसला लेने की मांग की।
CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र
प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के जरिए ही परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई कथित गड़बड़ियों की सच्चाई सामने आ सकेगी। छात्र नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सीआईडी से जांच कराने पर अड़ी हुई है। उन्होंने सीआईडी पर कथित तौर पर मामलों को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों को ऐसी जांच मंजूर नहीं है।
सोमवार को विधानसभा मार्च की तैयारी
छात्र नेताओं ने झारखंड के सभी छात्रों से सोमवार को प्रस्तावित ‘विधानसभा मार्च’ में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
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‘असामाजिक तत्वों को आंदोलन बिगाड़ने नहीं देंगे’
प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। उन्होंने दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन को बाधित करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन छात्रों का संगठन किसी भी स्थिति में शांतिपूर्ण आंदोलन को प्रभावित नहीं होने देगा। छात्र नेताओं ने कहा कि उनकी लड़ाई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है और जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।