अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शुक्रवार को घाटी से बाहरी बाजारों तक फलों की खेपों के परिवहन और सुचारु आवाजाही की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि घाटी से फलों के निर्बाध परिवहन की व्यवस्था होनी चाहिए।
बैठक में कश्मीर के संभागीय आयुक्त, परिवहन विभाग के सचिव, यातायात महानिरीक्षक, परिवहन आयुक्त, कृषि उत्पादन विभाग के सचिव, एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान मुख्य सचिव ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) की वर्तमान स्थिति और इसकी पूर्ण परिचालन क्षमता पर बहाली का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से घाटी से फलों से लदे ट्रकों की आवाजाही और बाहर से श्रीनगर की ओर आने वाली अन्य आवश्यक वस्तुओं के निर्बाध आवागमन के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि राजमार्ग पर कोई भी फलों का ट्रक न फंसे और संबंधित विभागों को इन वाहनों की सुरक्षित और प्राथमिकता के आधार पर आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के दोनों ओर फंसे वाहनों की स्थिति की भी समीक्षा की और उन्हें समय पर निकालने के निर्देश दिए।
लंबी दूरी के परिवहन विकल्पों की समीक्षा करते हुए, मुख्य सचिव ने कश्मीर के संभागीय आयुक्त को बागवानी उत्पादों को मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने के लिए रेल माल ढुलाई सेवाओं की शुरुआत की संभावना तलाशने की सलाह दी।
उन्होंने इस संबंध में फल उत्पादकों के साथ बातचीत करने और ऐसी सेवा की व्यवहार्यता की जांच के लिए जम्मू के संभागीय रेल प्रबंधक (डीआरएम) के साथ समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।