फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीओजेके में उबाल: रावलाकोट में पूर्ण बंदी से थमी रफ्तार, सड़कों पर उतरे लोग; गूंजे पाकिस्तान से आजादी के नारे

Wed, 09 Sep 2026 05:01 PM IST
Nikita Gupta अभिषेक राज अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू

सार

पीओजेके में संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी के आह्वान पर रावलाकोट में पूर्ण बंदी रही और पाकिस्तान से आजादी के नारे गूंजे। 
Register For Event
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। बुधवार को संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के आह्वान पर रावलाकोट में पूर्ण बंदी रही। दुकानें नहीं खुलीं और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी थमी रही। बड़ी संख्या में लोग विरोध-प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे। जून-जुलाई में हिंसक आंदोलन के बाद एक बार फिर जेएएसी और प्रशासन के आमने-सामने आने से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

विज्ञापन
Trending Videos

जेएएसी और प्रशासन के बीच टकराव की पृष्ठभूमि नई नहीं है। जून में शुरू हुए आंदोलन में राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शासन व्यवस्था, आर्थिक-सामाजिक अधिकारों और विधानसभा में पाकिस्तान के बाहर रह रहे कश्मीरियों के लिए आरक्षित 12 सीटों जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं। आंदोलन के दौरान कई जगह हिंसक झड़पें हुईं और जेएएसी पर प्रतिबंध भी लगाया गया। जुलाई में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में करीब 80 लोगों के मारे जाने के बाद हालात खराब हो गए।

रावलाकोट सबसे संवेदनशील
रावलाकोट और आसपास का क्षेत्र मौजूदा घटनाक्रम में खास महत्व रखता है। जून में भी यहीं से बड़े प्रदर्शन और मार्च की शुरुआत हुई थी। बुधवार को जेएएसी के आह्वान पर बंद का सबसे व्यापक असर भी रावलाकोट में देखने को मिला। रावलाकोट और सुधनोटी में इंटरनेट सेवाएं अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हुई हैं। एक सितंबर को घोषित चरणबद्ध बहाली के बावजूद दोनों जिलों में इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध जारी रहने से भी स्थानीय लोगों में गुस्सा है।

मांगें वही, अविश्वास बरकरार
जेएएसी लंबे समय से शासन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आर्थिक-सामाजिक अधिकारों और विधानसभा की संरचना से जुड़े मुद्दे उठाता रहा है। 2025 में सरकार के साथ हुए समझौते के बाद भी उसकी मांगों के क्रियान्वयन को लेकर विवाद बना रहा। इसी के चलते 2026 में आंदोलन एक बार फिर व्यापक रूप में सामने आया।

ढंगाली पर थमे ट्रकों के पहिये, मीरपुर डिवीजन की सप्लाई पर असर
पीओजेके में आंदोलन के बीच मीरपुर डिवीजन की आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। ढंगाली चेक पोस्ट पर मालवाहक वाहनों को रोक दिया गया है। इससे खाद्य सामग्री और ईंधन की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, 22 अगस्त को तेल टैंकरों, ट्रकों और छोटे मालवाहक वाहनों को ढंगाली से हटाकर कल्लर सैयदां पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। अभी ढंगाली से मालवाहक वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो सकी है।
विज्ञापन

जीवनरेखा है ढंगाली मार्ग
ढंगाली मार्ग पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में रावलपिंडी के आसपास के इलाकों को डडयाल और मीरपुर से जोड़ता है। इस मार्ग से आने-जाने वाले माल की आपूर्ति बाधित होने का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहता। मीरपुर से आगे भिंबर और कोटली तक पहुंचने वाले सामान की उपलब्धता और लागत पर भी इसका व्यापक असर पड़ता है।

मीरपुर, भिंबर और कोटली के बाजार पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र से आने वाली आपूर्ति पर काफी हद तक निर्भर हैं। रावलपिंडी और आसपास के थोक बाजार इन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक संपर्क उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में ढंगाली मार्ग पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से खाद्य वस्तुओं, ईंधन और रोजमर्रा की जरूरत के सामान की आपूर्ति को लेकर चिंता अब गंभीर हो गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें