कठुआ। शहर के वार्ड संख्या आठ के साधारण परिवार के बेटे कवलप्रीत सिंह ने अपने क्रिकेट प्रेम और अथक मेहनत से इतिहास रचा है। गली-मोहल्ले की पिचों पर खेलने वाले इस युवा ऑलराउंडर को जम्मू-कश्मीर की रणजी ट्रॉफी टीम में चुना गया है। वह कठुआ जिले के पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्हें सीधे जम्मू-कश्मीर की रणजी टीम का प्रतिनिधित्व करने का गौरव हासिल हुआ है।
हालांकि इससे पहले शहर के धर्मवीर सिंह जसरोटिया भी पांच वर्षों तक रणजी टीम में खेल चुके है, लेकिन जसरोटिया को यह गौरव हिमाचल की टीम में खेलने के लिए दिया जाता है। कवलप्रीत की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पुलिस मार्टियर्स क्रिकेट टूर्नामेंट में पिछले दस सालों से अलग-अलग टीमों के लिए शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। कवलप्रीत सिंह राष्ट्रीय स्तर की कूच बेहार ट्रॉफी, सीके नायडू ट्रॉफी, अंडर-23 वनडे ट्रॉफी और अंडर-25 वनडे ट्रॉफी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद उन्हें पहली बार रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।
शहर में एक छोटी सी दुकान चलाने वाले उनके पिता हैप्पी सिंह ने बेटे की लगन को हमेशा सपोर्ट किया। रणजी टीम में बेटे के चयन से हैप्पी सिंह गदगद हैं। उन्होंने कहा कि यह कवलप्रीत की मेहनत का नतीजा है। कठुआ के सेंट ज़ेवियर्स कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई करने वाले कवलप्रीत वर्तमान में नागपुर के एक कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई कर रहे है।
ऑलराउंडर के रूप में चुने गए कवलप्रीत सिंह आगामी 15 अक्तूबर को श्रीनगर में मुंबई के खिलाफ होने वाले पहले मैच में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके चयन की खबर से कठुआ शहर और स्पोर्ट्स स्टेडियम में खुशी की लहर दौड़ गई।