- सिन्हा ने किया झिड़ी मेले का शुभारंभ, परंपराओं और संस्कृति को बताया प्रदेश की तरक्की की ताकत
- यात्री भवन और चार नये बस स्टॉपों का किया लोकार्पण, इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का किया शिलान्यास
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा जित्तो लोकमंगल के सबसे बड़े प्रतीक हैं। बाबा जित्तो का जीवन असाधारण था, प्रदेश के किसानों के पुरुषार्थ में भी बाबा जित्तो के सामाजिक न्याय और उस न्याय की सिद्धि के लिए अथक संघर्ष का जज्बा शामिल है। किसानों के इसी जज्बे को अगस्त में आई प्राकृतिक आपदा के समय भी देखा और महसूस किया गया।
मंगलवार को मढ़ के झिड़ी में बाबा जित्तो की याद में लगने वाले वार्षिक मेले का शुभारंभ करते हुए एलजी मनोज सिन्हा ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर ही हमारी असली पहचान है और यही आर्थिक विकास को भी आगे बढ़ाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने रीति रिवाजों, कला, शिल्प और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इससे युवाओं को हुनर भी मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। एलजी ने आगे कहा कि जनता की सीधी भागीदारी से ही सरकार बेहतर ढंग से काम कर सकती है। जब लोग नीतियों से जुड़ेंगे तो सेवा भी बेहतर होगी और पारदर्शिता भी बनी रहेगी। बाबा जित्तो ने किसान अधिकारों की लड़ाई लड़ी और सत्य, अहिंसा व भाईचारे का संदेश दिया। उनको असली श्रद्धांजलि यही होगी कि जम्मू-कश्मीर के हर किसान और मेहनतकश परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
इससे पहले एलजी ने झिड़ी धाम पहुंचकर बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी को माथा टेककर नमन किया। इसके बाद उन्होंने मेले में लगी स्वयं सहायता समूहों की स्टॉलों का जायजा लेते समूह की सदस्यों, कृषि उद्यमियों और किसानों से बातचीत की। इस दौरान लोक कलाकार पद्मश्री रोमालो राम ने सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी। इस अवसर पर जिला विकास परिषद (डीडीसी) जम्मू के अध्यक्ष भारत भूषण, मढ़ से विधायक सुरिंदर कुमार, जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक शिव कुमार शर्मा, जम्मू के जिलाधिकारी राकेश मिन्हास, जम्मू के नगर आयुक्त देवांश यादव और एसएसपी जोगिंदर सिंह भी मौजूद रहे।
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इन प्रगतिशील किसानों को कृषि रत्न पुरस्कार और ट्रैक्टर
एलजी मनोज सिन्हा ने मंच पर प्रगतिशील किसान ज्योति शर्मा, विकास चौधरी, सौरभ आंनद, गुलाब दीन, मनमीत सिंह और राजेंद्र रत्न को कृषि रत्न पुरस्कार देकर सम्मानित किया। साथ ही समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) के तहत किसान राजेश कुमार और देविंदर सिंह को ट्रैक्टर प्रदान किए।
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इशारों-इशारों में अधिकारियों को हिदायत भी दे गए एलजी
अपने संबोधन के दौरान एलजी ने इशारों-इशारों में अधिकारियों को ठीक से काम करने की हिदायत भी दे दी। एलजी ने कहा कि मैंने किसानों और महिला उद्यमियों के स्टॉलों का विधिवत निरीक्षण किया है। मैं इसको लेकर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। बस प्रशासन के साथी और जिन लोगों ने जिम्मा संभाला हुआ है, उनसे मेरा निवेदन है कि हम अपना काम ऐसे करें कि योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंच सके। यही बाबा जित्तो को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।