सिद्दड़ा में तवी पुल के पास दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे के पैकेज-18 पर बन रहे मेजर ब्रिज के पिलर निर्माण के दौरान मंगलवार को एक श्रमिक की मौत हो गई। वह अन्य श्रमिकों के साथ पिलर के ऊपर शटरिंग लगाने का काम कर रहा था। अचानक शटरिंग खुलने से श्रमिक 50 मीटर ऊपर से नीचे गिरा गया। मृतक की पहचान बुद्धि सिंह (45) निवासी रामबन के रूप में हुई है। नगरोटा पुलिस ने निर्माण कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार बुद्धि सिंह मौजूदा समय में सिद्दड़ा में रह रहा था और निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहा था। मंगलवार सुबह वह अन्य श्रमिकों के साथ निर्माणाधीन पिलर के ऊपरी हिस्से में काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक पिलर की शटरिंग खुल गई, उसे संभलने का मौका नहीं मिला और वह सीधे नीचे जा गिरा। यदि श्रमिक को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए होते तो शायद वह बच जाता। पिलर की ऊंचाई ज्यादा होने पर नीचे कंक्रीट व ठोस जमीन होने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थी। सूचना मिलते ही नगरोटा पुलिस भी मौके पर पहुंची और श्रमिक को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के लिए जीएमसी के शवगृह में रखा गया है। हादसे से निर्माण स्थल पर अफरातफरी का माहौल रहा। वहां काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी यह हादसा सदमा था। कोई कुछ बोलने की स्थिति में नहीं था। हादसे के बाद कंपनी के कर्मचारी व अधिकारी भी वहां पहुंचे, जिन्हें श्रमिकों के गुस्से का सामना भी करना पड़ा।
निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार बुद्धि सिंह ऊंचाई पर काम करते समय हेलमेट और जरूरी सुरक्षा किट के बिना था। पुलिस अब जांच कर रही है कि निर्माण कंपनी ने ऊंचाई पर काम करने वाले श्रमिकों को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए थे या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि काम शुरू करवाने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच और निगरानी किस स्तर पर की गई थी। नगरोटा पुलिस थाने के एसएचओ संजीव चिब ने कहा कि निर्माण कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है।
एनएचएआई का दावा, ट्रक की टक्कर से हुआ हादसा
एनएचएआई ने अधिकारिक ताैर पर हादसे को संरचनात्मक विफलता न बताते हुए ओवरलोड ट्रक की टक्कर को बताया है। एनएचआई के अनुसार ट्रक ने हाल में डाले गए पियर कैप को सहारा देने वाली अस्थायी स्टेजिंग को टक्कर मारी जिसमें वह ढह गई। इससे ग्रीन कंक्रीट को नुकसान पहुंचा। पूल के स्थायी हिस्से को कोई नुकसान नहीं हुआ है। ईपीसी ठेकेदार और अथॉरिटी इंजीनियर के साथ घटना की जांच की जा रही है। प्रभावित हिस्से में काम दोबारा शुरू करने से पहले सुधारात्मक और निवारक उपाय किए जाएंगे।। परियोजना के करीब 540 मीटर हिस्से में सुपर स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है। 23 अगस्त को पुल के एक पियर कैप की कास्टिंग भी की गई थी।