झारखंड से भद्रवाह में बर्फबारी का आनंद लेने पहुंचे पर्यटक।
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भद्रवाह घाटी के गुलदंडा, छत्तरगल्लां और पादरी जैसे ऊंचे पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर अभी तक बर्फबारी नहीं हुई। हालांकि यहां आमतौर पर अक्तूबर के बीच से बर्फबारी शुरू हो जाती है। इससे विंटर टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स पर असर पड़ा है। इससे पयर्टन को झटका लगा है और पर्यटक इन स्थानों से दूर रहे हैं। पर्यटन रणनीतिकार राशिद चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में गुलदंडा में नवंबर 2025 से 80 प्रतिशत कम टूरिस्ट आए हैं।
यह स्थल कभी अपने बर्फ से ढके खूबसूरत नजारों के लिए मशहूर था लेकिन इस साल बर्फबारी की भारी कमी से जूझ रहा है। इससे पर्यटकों की संख्या में काफी गिरावट आई है। इससे होटल वालों से लेकर टूरिस्ट गाइड, दुकानदारों और वेंडरों तक पर संकट है।
चौधरी ने आगे कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि नए साल का जश्न शुरू होने से पहले अच्छी बर्फबारी हो, भद्रवाह में सर्दियों के टूरिज्म को फिर से शुरू करने की यही एकमात्र उम्मीद बची है। गुलदंडा के एक स्थानीय दुकानदार राज कुमार मनहास ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से इस समय में हमें रोजाना औसतन 100 से 150 टूरिस्ट गाड़ियां मिलती थीं, लेकिन इस साल यह संख्या बहुत कम होकर सिर्फ़ 10 गाड़ियों पर आ गई है।
झारखंड से आए एक टूरिस्ट रोहित मुंडावा ने कहा कि वे सिर्फ़ बर्फ का मजा लेने आए थे, लेकिन भूरे मैदानों और पहाड़ों ने उन्हें निराश किया है। अब हमने यहां अपना स्टे छोटा करने का फैसला किया है। यह बताना जरूरी है कि भद्रवाह डेवलपमेंट अथॉरिटी के डेटा के अनुसार, साल 2022, 2023 और 2024 में, 15 अक्तूबर से 15 दिसंबर तक गुलदंडा में 1.75 लाख, 2 लाख और 1.8 लाख टूरिस्ट आए थे। इस साल, इस जगह पर अब तक सिर्फ़ 10,000 टूरिस्ट आए हैं।