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जम्मू-कश्मीर में कम नहीं हो रहा हत्याओं का ग्राफ, कई हैरान करने वाले मामले

Mon, 10 Feb 2020 04:02 PM IST
प्रशांत कुमार सतीश वालिया, जम्मू
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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प्रदेश में जमीन के विवाद, पैसों के लेनदेन और अवैध संबंध हत्या के कारण बन रहे हैं। हर साल विभिन्न थानों में 70 से 80 मामले इसके तहत दर्ज होते हैं। पुलिस विभाग से लिए गए आकड़ों से इसकी पुष्टि होती है। प्रदेश में हत्याओं का ग्राफ कम कम नहीं हो पा रहा है।

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हर साल सैकड़ों लोगों की हत्याएं हो रही है। हत्याओं का कारण कहीं पर जमीन का विवाद आता है तो कहीं पैसों का लेनदेन मौत की वजह बनता है। दहेज, अवैध संबंध में भी महिलाओं और पुरुषों की हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं।

संपत्ति विवाद में मासूमों की भी हत्या
पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार छोटे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्गों की भी हत्या की जा रही है। संपत्ति विवाद में मासूमों की भी हत्या की जा रही है। हर साल जीरों से छह साल की आयु के दो से तीन बच्चों की हत्या के मामले आ रहे हैं।
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वर्ष     हत्याएं
2014     156
2015     133
2016   142
2017     152
2018     181
2019     170

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16 से 65 साल के लोग ज्यादा उतारे जा रहे मौत के घाट

हर साल 0 से 6 साल की आयु के दो से तीन बच्चे, छह से 12 साल के लड़के-लड़कियां के 4 से 5, 12 से 16 आयु के 30 से 40 जबकि 16 से 65 साल लोगों की हत्या के 50 से 60 मामले दर्ज किए गए हैं।  

चार से पांच युवतियों की हर साल प्रेम प्रसंग में होती है हत्या
प्रेम प्रसंग के मामलों में भी युवतियों की हत्याएं हो रही हैं। चार से पांच युवतियां, महिलाओं को प्यार की कीमत चुकानी पड़ रही है। सरकारी आकड़ों के मुताबिक प्यार होने के बाद प्रेमियों ने ही महिलाओं और युवतियों की हत्या कर दी है।

पानी विवाद भी बन रहा हत्या का कारण
हर साल खेतों में पानी लगाने को लेकर भी तीन से चार लोगों की हत्याएं हो रही हैं। खेतों में पानी लगाने के चक्कर में नफरती बढ़ती गई और लोगों को तेजधार हथियारों से मौत के घाट उतारा गया।
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