- बिश्नाह के बजीरू चक गांव में बेचता था दूध, पशु तस्करी से अपराध की दुनिया में रखा कदम
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कुख्यात अपराधी गुलजार अहमद उर्फ लाहु गुज्जर आज भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। हत्या के प्रयास, नशा व मवेशी तस्करी और पुलिस पर जानलेवा हमला करने जैसे गंभीर मामलों में नामजद गुज्जर ने न सिर्फ जम्मू बल्कि सांबा में नेटवर्क बनाया है। यहां नशे के रूप में मौत का सामान बेच रहा है। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई कर उसका मकान गिराया, संपत्ति कुर्क की, मगर बदमाश तक नहीं पहुंच सकी।
लाहु गुर्जर बिश्नाह के बजीरू चक गांव का है जहां दूध बेचने का काम करता था। बाद में उसने पशु तस्करी की और इसके जरिये अपराध की दुनिया में कदम रखा। नशा तस्करी, चोरी, लूट और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर मामलों में शामिल होता गया। बिश्नाह, अरनिया, आरएस पुरा, बाड़ी ब्राह्मणा सहित कई थानों में 15 मामले दर्ज हैं। एक साल पहले बिश्नाह, मीरां साहिब में पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ हुई लेकिन वह चकमा देकर फरार हो गया। गैंगस्टर के लिंक इतने मजबूत हो चुके हैं कि वह पुलिस के छापे से पहले ही इलाका छोड़ रहा है।वहीं जब इस संबंध में डीआईजी शिव कुमार शर्मा से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
2024 में पथराव कर भाग गया
गिरफ्तारी में नाकाम हुई पुलिस ने लाहु गुज्जर की संपत्तियों पर कार्रवाई की। बजीरू चक में स्थित दो मंजिला मकान जमींदोज किया जिसकी कीमत करीब 70 से 80 लाख रुपये थी। अन्य संपत्तियों को भी सीज किया। उसके भाई याकूब अहमद उर्फ युका को पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार किया है। उसके मकान को भी ध्वस्त किया गया। 2024 में पुलिस टीम के साथ तड़के तीन बजे लाहु के ठिकाने पर पहुंची लेकिन वह पथराव कर साथियों की मदद से बचकर निकल गया।