आरोपी पर आतंकवादी गतिविधियों, आपराधिक साजिश, हत्या के प्रयास, और अवैध हथियारों से जुड़े गंभीर मामलों में अपराध दर्ज हैं। दावा है कि बीती 22 फरवरी को वाणी मोहल्ला, छात्रू, किश्तवाड़ में हुई घटना में उसकी संलिप्तता है। इसमें सैफुल्ला समेत तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पुलिस पार्टी को मारने की नीयत से अंधाधुंध गोलीबारी की थी।मुठभेड़ के दौरान आतंकवादियों के पास से अवैध हथियार, गोला-बारूद, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए थे।
आरोपी मुनीर अहमद को अपराध में सक्रिय रूप से शामिल होने के कारण बीती 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी ने खुलासा किया था कि उसने छात्रू के पास आतंकवादियों को मोबाइल फोन सप्लाई किया था। उसके इस खुलासे और मारे गए आतंकवादियों के पास से वही मोबाइल मिलना उसके आतंकवादी मॉड्यूल को लॉजिस्टिकल सपोर्ट देने का सबूत माना गया।
अदालत ने लोक अभियोजक, मुख्य जांच अधिकारी और आरोपी के वकील की दलीलें सुनने के बाद मामले में प्रगति रिपोर्ट देखी। कहा कि जांच अभी अहम चरण में है। सीएफएसएल चंडीगढ़ और एफएसएल श्रीनगर आदि से कई अहम फोरेंसिक रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है। उसकी ओर से सर्टिफाइड क्लोन डेटा और विश्लेषण रिपोर्ट मिलनी अभी बाकी है। मुनीर अहमद के मोबाइल फोन से डेटा निकाले जाने के साथ ही उसके डेटा का विस्तार से विश्लेषण किया जा रहा है।