फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SMVDIMA Controversy: वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में सीट आवंटन विवाद भड़का, राष्ट्रपति व LG को भेजी जाएगी याचिका

Wed, 26 Nov 2025 01:02 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों के आवंटन को लेकर विवाद बढ़ गया है, हिंदू संगठनों ने याचिका के जरिए राष्ट्रपति, उपराज्यपाल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। समिति का आरोप है कि संस्थान हिंदू दान से संचालित होने के बावजूद समुदाय विशेष के छात्रों को प्राथमिकता दी गई, और यदि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा
Register For Event
विज्ञापन
सुखबीर सिंह मनकोटिया। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस कटड़ा में एमबीबीएस की सीटों के आवंटन का मुद्दा और गरमा गया है। अब समिति के सदस्य विभिन्न संगठनों और जम्मू-कश्मीर के प्रबुद्ध लोग एक याचिका पर हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे।

विज्ञापन

अंतिम रूप देने के बाद याचिका राष्ट्रपति, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भेजी जाएगी। इसमें सीटों के आवंटन को रद्द करने की मांग की जाएगी।

समिति के संयोजक कर्नल सुखबीर सिंह मनकोटिया ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में कहा कि मेडिकल एक्सीलेंस का संचालन माता वैष्णो देवी मंदिर के चढ़ावे और दान से किया जाता है। ऐसे में सीटों के आवंटन में कथित तौर पर समुदाय विशेष को प्राथमिकता देना अनुचित है और इससे सनातन धर्म के अनुयायियों में भारी रोष है।
विज्ञापन


सभी छात्रों को समान अवसर मिलना चाहिए। यदि सीट आवंटन रद्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति को दाखिला लेने वाले बच्चों के साथ कोई बैर नहीं है लेकिन जो संस्थान हिंदू समुदाय के पैसों से चलता है वहां धर्म विशेष के बच्चों को बड़ी संख्या में दाखिला देना हिंदू समुदाय के बच्चों के साथ अन्याय है।

समिति के सदस्यों ने कहा कि सरकार ने जल्द कोई पहल नहीं की तो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा सदस्यों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को ऐसेे विषयों पर बयान देने से बचने के लिए कहा। मांग की कि सरकार जल्द मुद्दे काे हल करे। जिस भी मंच पर बात रखने को मौका मिलेगा तो बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार जल्द उन्हें किसी और संस्थान में भेजे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें