स्काॅस्ट ने रीजनल एग्रीकल्चरल रिसर्च स्टेशन के सहयोग से गांव करवाया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। रीजनल एग्रीकल्चरल रिसर्च स्टेशन राजोरी के सहयोग से स्काॅस्ट जम्मू ने रेनफेड विकास के तहत गांव स्वारी में रेनफेड खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम करवाया। यह कार्यक्रम वीसी डॉ. बीएन त्रिपाठी की देखरेख और निदेशक अनुसंधान डॉ. सुशील कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में हुआ। शिविर में किसानों को परिस्थितियों में स्थायी खेती और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया।
मुख्य वैज्ञानिक डॉ. विकास शर्मा ने रेनफेड क्षेत्रों में जलवायु-लचीली खेती के तरीकों को अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बेहतर फसल किस्मों, कुशल मिट्टी, नमी संरक्षण तकनीकों, उत्पादकता और आय बढ़ाने में फसल विविधीकरण की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने किसान समुदाय से कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने और प्रदान किए जा रहे तकनीकी मार्गदर्शन व सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. अरविंद प्रकाश सिंह ने किसानों को प्रभावी जल प्रबंधन प्रथाओं के बारे में बताया। इसमें वर्षा जल संचयन और नमी के नुकसान को कम करने के लिए मल्चिंग के उपयोग के बारे में बताया गया। उन्होंने अनियमित वर्षा पैटर्न से निपटने के लिए समय पर कृषि पद्धतियों की आवश्यकता पर जोर दिया। सरकारी योजनाओं, हाल के वैज्ञानिक अनुसंधान और कृषि क्षेत्र में नए विकास के बारे में जानकारी साझा की।
मृदा विज्ञान प्रभाग के प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. विकास शर्मा ने किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक आदानों के उपयोग और बारानी और आदिवासी खेती प्रणालियों के लिए उपयुक्त कम लागत वाली प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकारी दी। डॉ. शर्मा ने किसानों से बड़ी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया ताकि वे प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रदान की जाने वाली सेवाओं और सुविधाओं का पूरा उपयोग कर सकें।