खुफिया तंत्र को और मजबूत करना होगा : पठानिया
सेवानिवृत्त कर्नल सुशील पठानिया कहते हैं कि मुठभेड़ से आतंकी और स्लीपर सेल अपनी मौजूदगी व आतंकवाद के जिंदा होने का संदेश देते हैं। छोटी-छोटी मुठभेड़ कर गुम हो जाना यह डुडु-बसंतगढ़ से लेकर किश्तवाड़ में हुई मुठभेड़ में आतंकियों का पैटर्न रहा है। लोगों व सुरक्षाबलों के बीच उनकी चर्चा रहे यह भी आतंकियों का एजेंडा रहता है। आतंकियों के खात्मे के लिए खुफिया तंत्र को और मजबूत करना होगा। संदिग्धों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी होगी। तभी स्लीपर सेल को खत्म कर सकते हैं।
आतंकियों को स्थानीय स्तर पर मिल रही मदद : जेपी सिंह
जम्मू-कश्मीर पुलिस के सेवानिवृत्त आईजी जेपी सिंह ने कहा कि 26 जनवरी नजदीक है। आतंकियों का प्रयास रहता है कुछ बड़ा करें। आम तौर पर देखा गया है कि जो आतंकी जिस क्षेत्र में सक्रिय होते हैं वे वहां से बाहर नहीं जाते हैं। वो सकता है ये कोई नया ग्रुप हो। आतंकियों को स्थानीय स्तर पर मदद मिल रही है। अगर हम आतंकियों को मार नहीं पा रहे हैं तो अपनी रणनीति बदलनी होगी। दूरदराज इलाके के पुलिस थानों व चौकियों को मजबूत करना होगा।