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वैष्णो देवी रोपवे विवाद : कटड़ा की आर्थिक सुरक्षा के लिए दूसरे चरण की उठी मांग, उच्च स्तरीय समिति को सौंपा ज्ञापन

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रोपवे को कटड़ा से ताराकोट तक नहीं जोड़ा गया तो आर्थिक ढांचा हो जाएगा ध्वस्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी रोपवे परियोजना को लेकर स्थानीय व्यापारिक हितों और विकास के बीच खींचतान तेज हो गई है। बुधवार को उच्च स्तरीय समिति के साथ हुई बैठक में स्थानीय हितधारकों ने साफ कहा कि यदि रोपवे को कटड़ा से ताराकोट (दूसरे चरण) तक नहीं जोड़ा गया तो कटड़ा का आर्थिक ढांचा ध्वस्त हो जाएगा।

विधायक बलदेव राज शर्मा और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने समिति को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि कटड़ा को रोपवे का अनिवार्य बेस पॉइंट बनाया जाए। उनका तर्क है कि ताराकोट से सीधे सांझीछत तक रोपवे बनने से तीर्थयात्री कटड़ा शहर को बाईपास कर देंगे, जिससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
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समिति ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आश्वासन दिया कि वह अपनी रिपोर्ट में सामाजिक-आर्थिक पहलुओं और जनभावनाओं का पूरा ध्यान रखेगी। बैठक में जिला अध्यक्ष रोहित दुबे, डीडीसी राजिंदर मेंगी, निर्मला देवी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रवेश कांत सहित पर्यटन, व्यापार और नागरिक समितियों के सैकड़ों प्रतिनिधि मौजूद रहे। समिति ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आश्वासन दिया कि वह अपनी रिपोर्ट में सामाजिक-आर्थिक न्याय और जनभावनाओं का पूरा ध्यान रखेगी।


हितधारकों ने रखीं पांच प्रमुख शर्तें

कटड़ा बाईपास का डर और दूसरे चरण की मांग
हितधारकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि रोपवे सीधे ताराकोट से सांझीछत तक बना, तो तीर्थयात्री कटड़ा मुख्य शहर में नहीं आएंगे। इसलिए, उन्होंने कटड़ा शहर से ताराकोट तक दूसरे चरण को तत्काल जोड़ने की मांग की, ताकि कटड़ा का आर्थिक महत्व बना रहे।

संचालन पर कैपिंग (सीमा तय करना)

आधुनिक सुविधाओं के बीच स्थानीय छोटे व्यापारियों (जैसे टट्टू-पिट्ठू मालिक) के हितों की रक्षा के लिए कुछ सख्त शर्तें सुझाई गईं। रोपवे केवल 8 घंटे प्रतिदिन चले। यात्रियों की संख्या 5,000 प्रतिदिन तक सीमित हो। बुजुर्गों और दिव्यांगों को 40 फीसदी आरक्षण मिले।
भारी-भरकम पुनर्वास पैकेज की मांग

बैठक में विस्थापित होने वाले या प्रभावित होने वाले खच्चर मालिकों, पालकी और पिट्ठू वाहकों के लिए 10 लाख रुपये प्रति लाभार्थी के वित्तीय पैकेज की मांग की गई, जिसे श्राइन बोर्ड और सरकार मिलकर देंगे।
ताराकोट में नए निर्माण पर रोक

स्थानीय संगठनों ने मांग की कि ताराकोट क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए होटल, मॉल या बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण पर पाबंदी लगाई जाए, ताकि व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र कटड़ा मुख्य शहर ही बना रहे।
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अनिवार्य भौतिक पंजीकरण

डिजिटल युग के बावजूद, यह मांग रखी गई कि रोपवे टिकट केवल उन्हीं को मिले जिनके पास निहारिका केंद्र, कटड़ा से प्राप्त फिजिकल यात्रा पर्ची हो। इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर तीर्थयात्री कटड़ा शहर में कम से कम एक बार जरूर आए।
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