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Udhampur News: बारिश थमते ही रेहड़ी-फड़ी वालों ने संभाला काम, प्रशासन से टीन शेड और तिरपाल की मांग

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उधमपुर। मूसलाधार बारिश का सबसे गहरा असर उन लोगों की आजीविका पर पड़ा है जो रोज की कमाई करते हैं। बुधवार दोपहर करीब एक बजे जैसे ही बारिश थमी, रेहड़ी-फड़ी वालों के चेहरों पर उम्मीद की किरण जगी। सुबह से बंद पड़े कारोबार को पटरी पर लाने के लिए विक्रेताओं ने स्टाल संभाले। इस बीच उन्होंने प्रशासन के समक्ष टीन शेड लगाने या तिरपाल देने की गुहार लगाई है।
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सुबह से तेज बारिश के कारण अधिकांश रेहड़ी-फड़ी वाले सामान नहीं लगा सके थे। जिन्होंने हिम्मत जुटाकर सामान लगाया भी उन्हें ग्राहक न मिलने और सामान भीगने के कारण नुकसान उठाना पड़ा। फल विक्रेता हबीब और रामलाल ने बताया कि उनकी कमाई पूरी तरह दैनिक आय पर निर्भर है। यदि पूरे दिन बारिश न रुके तो घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो जाता है। सब्जी विक्रेता मोहिंदर शर्मा ने कहा कि वे घंटों बारिश रुकने का इंतजार करते रहे क्योंकि मौसम साफ न होने पर घर बैठने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचता।
प्रशासनिक अनदेखी पर उठाए सवाल
रेहड़ी-फड़ी संचालकों का कहना है कि वे नियमित रूप से प्रशासन को तय शुल्क और लाइसेंस फीस अदा करते हैं लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिलता। खुले आसमान के नीचे काम करने के कारण पूरी तरह मौसम के रहमोकरम पर निर्भर हैं। अशोक कुमार का मानना है कि मौसम की मार सबसे ज्यादा उन पर पड़ती है जो खुले में व्यापार करते हैं।
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सुरक्षा और सुविधाओं की मांग
मजबूरन छाता लेकर काम कर रहे विक्रेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि कम से कम लाइसेंस धारक रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए तिरपाल या बड़ी छतरियों की व्यवस्था की जाए। मुख्य बाजार क्षेत्रों में जहां ये रेहड़ियां लगती हैं, वहां टीन शेड का प्रबंध किया जाए ताकि बारिश के दौरान सामान सुरक्षित रहे। साथ ही सुरक्षित जोन बनाए जाएं। विक्रेताओं का तर्क है कि यदि बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं तो न केवल रोजगार सुरक्षित होगा बल्कि शहर की अव्यवस्था और गंदगी में भी कमी आएगी।
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