उधमपुर। लगातार छह दिन की हड़ताल के बाद मंगलवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ लग गई। बारिश के बावजूद सुबह 6 बजे से ही लोग अस्पताल पहुंचने लगे थे जिससे पंजीकरण काउंटर पर लंबी कतारें लग गईं। कई दिन से जांच और इलाज के इंतजार में बैठे मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे। अस्पताल प्रशासन ने भीड़ को भांपते हुए तुरंत टोकन व्यवस्था लागू की ताकि अव्यवस्था न फैले।
बच्चों के विभाग से लेकर सामान्य ओपीडी तक हर जगह पैर रखने की जगह नहीं थी। पहले मरीजों को टोकन वितरित किए गए और उसके बाद क्रमानुसार पर्चियां बनाई गईं। आंकड़ों के मुताबिक 937 ओपीडी पर्चियां काटी गईं जबकि इमरजेंसी विभाग में 154 मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
अस्पताल में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पैरामेडिकल स्टाफ पूरी मुस्तैदी से डटा रहा। विभाग के एचओडी डॉ. धीरज शर्मा ने बताया कि लंबे अंतराल के बाद ओपीडी खुलने के कारण मरीजों की संख्या अत्यधिक थी। इसे देखते हुए प्रत्येक ओपीडी में दो-दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई ताकि जांच की प्रक्रिया तेज हो सके और दूरदराज से आए मरीजों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
राहत के साथ थोड़ी मशक्कत
अस्पताल पहुंचे मरीजों ने प्रबंधन की कोशिश पर संतोष जताया। कुद क्षेत्र से आईं अनु देवी ने बताया कि वह सुबह 6 बजे ही लाइन में लग गई थीं जिससे उन्हें समय पर परामर्श मिल गया। स्थानीय निवासी सोनिया देवी, जो बच्चे का उपचार कराने आई थीं उन्होंने कहा कि भीड़ बहुत ज्यादा थी लेकिन ओपीडी में दो डॉक्टरों की मौजूदगी के कारण इलाज तेजी से हुआ और उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं हुई। इमरजेंसी विभाग में टोकन की अनिवार्यता नहीं रखी गई थी जिससे गंभीर मरीजों को बिना देरी के प्राथमिक उपचार मिलता रहा।