भद्रवाह। आयुष मंत्रालय और राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड ने औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खरीदार-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम लाल-देड ऑडिटोरियम में हुआ जिसमें लगभग 150 किसान, एफपीओ और प्रमुख आयुर्वेदिक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य औषधीय पौधों के क्षेत्र से जुड़े किसानों और उद्यमियों के साथ संवाद स्थापित करना तथा मूल्य संवर्धन और खुले बाजार में उत्पादों की बिक्री से संबंधित चुनौतियों पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम में सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू के निदेशक डॉ. जाबीर अहमद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि डोडा के उपायुक्त कृष्ण लाल, आयुष मंत्रालय के एनएमपीबी के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अब्दुल कयूम और आयुष निदेशक डॉ. अजय टिक्कू विशिष्ट अतिथि रहे।
उद्घाटन संबोधन में डॉ. जाबीर अहमद ने औषधीय और सुगंधित पौधों के क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र न केवल औषधि खोज में सहायक है बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में 3000 से अधिक औषधीय पौधों की प्रजातियां पाई जाती है जिससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं।