एक परिवार की ओर से की गई शादी की तैयारियां राख में तब्दील
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पुराने शहर हब्बा कदल के बाबापोरा इलाके में मंगलवार देर रात लगी भीषण आग में छह घर जल गए। इससे कई परिवार बेघर हो गए और संपत्ति का बहुत नुकसान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि आग भीड़ भाड़ वाले इलाके में तेजी से फैली और देखते ही देखते इसने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय लोग फायरफाइटर्स के साथ आग बुझाने और सामान निकालने की कोशिश में शामिल हुए लेकिन ज्यादातर संपत्ति जल गई। विभाग के सहायक निदेशक आकिब हुसैन मीर ने कहा राज्य अग्निशमन नियंत्रण कक्ष को रात 10:32 बजे आग लगने की सूचना मिली और एक मिनट के भीतर ही फायर स्टेशन हब्बा कदल, बाबडेम, गौकदल, मुख्यालय और सैयद हमीदपोरा से दमकल गाड़ियों को मौके पर भेज दिया गया।
इलाके की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए आग पर प्रभावी ढंग से काबू पाने के लिए फायर स्टेशनों महाराज गंज, रैनावारी, सफाकदल, रावलपोरा, नौशहरा और नौगाम से अतिरिक्त बल भी भेजा गया। अग्निशमन अभियान के दौरान फायरमैन फेहमीद अहमद (एफएम-1853) के हाथ में गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। दो नागरिक भी घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
उन्होंने बताया कि इस दौरान लगभग दो से तीन गैस सिलिंडर फट गए जिसके परिणामस्वरूप छह घरों को नुकसान हुआ। मीर ने कहा कि आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है और इसकी जांच चल रही है। जिन घरों को नुकसान हुआ उनमें से एक कश्मीरी पंडित संजय कुमार का था। सूत्रों ने बताया कि सबसे ज्यादा प्रभावित परिवारों में से एक परिवार ऐसा था जिसने नकदी और सोने के गहनों समेत सब कुछ खो दिया। परिवार की बेटी की पिछले साल अक्तूबर में सगाई हुई थी और उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। शादी के लिए रखे सभी कपड़े और गहने आग में जलकर खाक हो गए जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया।
बुधवार सुबह संबंधित तहसीलदार ने नुकसान का अंदाजा लगाने के लिए मौके पर जाकर प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने आग पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि नियमों के मुताबिक हर मुमकिन मदद दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है जबकि आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए मामला दर्ज कर लिया गया है।
गलत तरीके से पार्किंग की गई गाड़ियों से दमकल को पहुंचने में आई रुकावट
विभाग ने लोगों से जिम्मेदारी से काम करने की अपील की
श्रीनगर। अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि मंगलवार रात हब्बा कदल में कई घरों में लगी आग तेजी से फैली क्योंकि गलत तरीके से पार्किंग की गई गाड़ियों की वजह से दमकल वाहनों को भीड़भाड़ वाले इलाके तक पहुंचने में मुश्किल हुई।
लोगों के मुताबिक अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग की टीमों को अपनी भारी गाड़ियों को तंग गलियों से निकालने में बहुत मुश्किल हुई क्योंकि कारें और अन्य वाहन सड़क किनारे पार्क की गई थीं जिससे निकलने के लिए बहुत कम जगह बची थी। उन्होंने कहा कि श्रीनगर के कई हिस्सों में रात के समय भी सड़कों पर गाड़ियां पार्क करना आम बात हो गई है जिससे आपातकालीन स्थिति में आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है।
हब्बा कदल के स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे को गंभीर और लंबे समय से चली आ रही समस्या बताया। उन्होंने अधिकारियों से भीड़ भाड़ वाले इलाकों में सड़क किनारे पार्किंग के खिलाफ नियम बनाने और उन्हें सख्ती से लागू करने की अपील की। विभाग के सहायक निदेशक आकिब हुसैन ने माना कि गलत तरीके से पार्क की गई गाड़ियां इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान बड़ी रुकावटें पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि डाउनटाउन (पुराने शहर) के इलाकों में सड़कें बहुत तंग हैं। जब भी हमें ऐसे इलाकों से कोई इमरजेंसी कॉल आती है तो हम तुरंत कॉल करने वाले से कहते हैं कि गलत तरीके से पार्क की गई गाड़ियों को हटा दिया जाए ताकि दमकल गाड़ियां आसानी से आ-जा सकें।
इसे एक गंभीर और बार-बार होने वाली समस्या बताते हुए आकिब ने लोगों से जिम्मेदारी से काम करने और सड़कों को रोकने से बचने की अपील की खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में क्योंकि आपात स्थिति में मदद में देरी से संपत्ति का ज्यादा नुकसान हो सकता है। इस नई घटना ने एक बार फिर इस बात पर ध्यान दिलाया है कि ऐसी मुसीबतों को बढ़ने से रोकने के लिए बेहतर ट्रैफिक डिसिप्लिन और सख्ती से लागू करने की तुरंत जरूरत है।