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कश्मीर में आतंकियों के मददगारों की उलटी गिनती शुरू: 5,000 हिरासत में, ओजीडब्ल्यू नेटवर्क निशाने पर

Sat, 25 Jul 2026 11:12 AM IST
Nikita Gupta अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर में आतंकियों के ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए करीब 5,000 संदिग्धों से पूछताछ की और घाटी में हाई अलर्ट लागू किया।
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कश्मीर में हाई अलर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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आतंक के समूल नाश के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने ओजीडब्ल्यू नेटवर्क की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार को पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की शहादत के बाद शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी आतंकियों के मददगार तंत्र और ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) पर ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। पूरी घाटी हाई अलर्ट पर रही। सुरक्षाबलों ने व्यापक स्तर पर तलाशी, वाहन जांच और एरिया डोमिनेशन अभियान तेज कर दिया।

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अनंतनाग शहर के अलावा उत्तर और मध्य कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कई स्थानों पर मोबाइल व्हीकल चेक पॉइंट बनाकर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के सहयोगी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर धरपकड़ अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में अब तक करीब 5,000 संदिग्धों और संदिग्ध ओजीडब्ल्यू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

कोकरनाग से सिंथन पास तक तथा श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख मार्गों पर विशेष चौकसी बरती जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। सुरक्षाबलों ने अनंतनाग के जंगलातमंडी, खाह बाजार, अछाबल अड्डा, दांतर, बांगीदार, मेहमान मोहल्ला, चीनी चौक, मलकनाग और शेरपोरा समेत कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। वहीं मध्य और उत्तरी कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों में भी नाके लगाकर वाहनों और राहगीरों की गहन जांच की गई।

जांच एजेंसियां घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। हमलावर की पहचान के लिए विशेषज्ञों की मदद से संदिग्ध का स्केच भी तैयार कराया जा रहा है। इस बीच प्रशासन ने हमले के अगले ही दिन लश्कर-ए-ताइबा के दो सक्रिय आतंकियों आदिल ठोकर और हारून रशीद गनाई के मकानों को ध्वस्त कर दिया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद आतंकवाद विरोधी अभियानों को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी घाटी में आतंक विरोधी अभियान को और तेज कर दिया है।
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डीजीपी ने घाटी के संवेदनशील क्षेत्रों की परखी सुरक्षा व्यवस्था
कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने, असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) के कमांडरों के साथ क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों व आतंकवाद रोधी अभियानों का विस्तृत जायजा लिया।

बडगाम के एसएसपी और एसओजी कमांडरों ने जिले की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, खुफिया जानकारी जुटाने के तंत्र और सुरक्षाबलों के अभियानों की प्रगति से शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराया। डीजीपी ने अधिकारियों को सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करने तथा संवेदनशील इलाकों में पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखने के लिए खुफिया तंत्र को और अधिक सटीक व प्रभावी बनाना जाए।

एसओजी कमांडरों को लक्षित अभियानों में तेजी लाने और सुरक्षाबलों के बीच आपसी समन्वय मजबूत करने के लिए कहा गया। बैठक में आईजीपी कश्मीर वीके बिरदी और सेंट्रल कश्मीर रेंज (सकेआर) के डीआईजी राजीव पांडे भी शामिल हुए।
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