श्रीनगर। इस्लामी नए साल और मुहर्रम-उल-हराम के पवित्र महीने के आगमन पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने अवाम को बधाई दी है। उन्होंने लोगों से कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान से धैर्य, आत्मत्याग और न्याय की सीख लेने का आह्वान किया। अपने संदेश में डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मुहर्रम का महीना हमें एकता और भाईचारे के मूल्यों की याद दिलाता है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से संप्रदायवाद, विभाजन और आपसी नफरत को पूरी तरह खारिज करने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसी प्रवृत्तियां इस्लाम की वास्तविक शिक्षाओं के विपरीत हैं। इस्लाम पूरी मानवता के बीच शांति और सद्भाव की वकालत करता है। उन्होंने विशेष रूप से संघर्षों से जूझ रहे पश्चिम एशिया के क्षेत्रों जैसे ईरान, गाजा और लेबनान में भी स्थायी शांति व स्थिरता की कामना की।