इन क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान बर्फबारी के कारण आवागमन प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए पहले ही प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जम्मू-कश्मीर में पुंछ, कठुआ, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, उधमपुर, रियासी और कुपवाड़ा में सितंबर में जनगणना अभियान चलेगा। इसके अलावा बडगाम, बारामुला, बांदीपोरा, गांदरबल, पुलवामा, शोपियां, अनंतनाग और कुलगाम जिलों में भी इसी चरण में गणना पूरी की जाएगी। इसके लिए लद्दाख में 637 एन्यूमरेशन ब्लॉक तैयार किए गए हैं।
वहीं जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले इलाकों में 4,146 एन्यूमरेशन ब्लॉक बनाए गए हैं।
संबंधित क्षेत्रों में गणनाकर्मियों और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। देश के अन्य राज्यों के साथ जम्मू-कश्मीर के शेष चार जिलों में जनगणना फरवरी 2027 में पूरी की जाएगी। इस तरह भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर में जनगणना दो चरणों में पूरी होगी।
विशेष क्षेत्रों में सैन्य कर्मी ही होंगे गणना अधिकारी
जनगणना-2027 के तहत बर्फबारी वाले इलाकों में ‘स्पेशल चार्ज’ के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए रक्षा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और अन्य एजेंसियों के नोडल अधिकारियों के साथ पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने बैठक की। विशेष क्षेत्रों में जनसंख्या गणना 1 से 30 सितंबर तक होगी। शर्मा ने कहा कि स्पेशल चार्ज में रक्षा व सीएपीएफ प्रतिष्ठानों, प्रशिक्षण केंद्रों और अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में तैनात पात्र कर्मियों की सुरक्षित और सटीक गणना सुनिश्चित की जाएगी। संबंधित प्रतिष्ठानों के अधिकारियों और कर्मियों को ही गणना अधिकारी, एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर नियुक्त किया जाएगा। बैठक में सीआईएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, असम राइफल्स, बीएसएफ, एसएसबी, बीआरओ, वायुसेना व रेलवे बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हुए।