फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुर्सी पर अड़ीं दीदी: हार के बाद भी इस्तीफा नहीं, राउत ने दिया समर्थन, कहा- तानाशाही के खिलाफ लड़ना होगा

Wed, 06 May 2026 03:59 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, मुंबई

सार

पश्चिम बंगाल में हार के बावजूद ममता बनर्जी ने इस्तीफे से इनकार कर अपनी लड़ाई को लोकतंत्र बनाम तानाशाही का रूप दे दिया है। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने दीदी के इस फैसले का समर्थन किया है। संजय राउत ने क्या-क्या कहा है? जानिए...
 
Register For Event
विज्ञापन
शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। शिवसेना-यूबीटी नेता संजय राउत ने निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने के फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। राउत ने कहा कि ममता बनर्जी का यह कदम केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि यह केवल सत्ता का मोह नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की एक लड़ाई है।
विज्ञापन


राउत ने चुनाव आयोग पर लगाया तानाशाही का आरोप
संजय राउत ने कहा कि देश में केंद्र की तानाशाही और चुनाव आयोग के पक्षपाती व्यवहार के खिलाफ एकजुट होना अब अनिवार्य हो गया है। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में चुनाव आयोग की आलोचना की। राउत ने आरोप लगाया कि वर्तमान में चुनाव संस्था पूरी तरह से केंद्र सरकार की गुलाम बन चुकी है। उन्होंने विपक्षी दलों से आह्वान किया कि अब यह तय करने का समय आ गया है कि भविष्य में चुनाव लड़ना भी है या नहीं।

यह भी पढ़ें: संजय राउत ने हार का ठीकरा दीदी पर फोड़ा: कहा- राहुल की बात न सुनना भूल, गठबंधन होता तो परिणाम कुछ और होते
विज्ञापन


जनादेश नहीं, यह तो एक गहरी साजिश है: ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने बंगाल के चुनावी नतीजों को जनता का फैसला मानने से इनकार कर दिया है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि टीएमसी को साजिश के तहत हराया गया। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 207 सीटें मिली हैं, जबकि टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई है। ममता ने कहा कि उनकी लड़ाई भाजपा से नहीं, बल्कि पक्षपाती चुनाव आयोग से थी।
विज्ञापन




महाराष्ट्र के घटनाक्रम का दिया हवाला
राउत ने ममता के फैसले को सही ठहराते हुए 2022 के महाराष्ट्र राजनीतिक संकट का उदाहरण दिया। उन्होंने याद दिलाया कि तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की थी कि यदि उद्धव ठाकरे इस्तीफा नहीं देते, तो उनकी सरकार बहाल हो सकती थी। राउत ने बताया कि उद्धव ठाकरे ने फोन कर ममता बनर्जी को समर्थन दिया है। इंडिया गठबंधन के लगभग सभी बड़े नेताओं ने ममता बनर्जी के साथ एकजुटता दिखाई है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें