पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह खुद सड़कों पर उतरकर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। बख्तरबंद वाहनों और केंद्रीय बलों के साथ उनका ग्राउंड विजिट साफ संकेत देता है कि इस बार चुनाव को हर हाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने की तैयारी है।
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दूसरे चरण में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। कुल 2321 कंपनियों की तैनाती की जा रही है, जो मतदान केंद्रों से लेकर संवेदनशील इलाकों तक निगरानी रखेंगी। केंद्रीय बलों के साथ-साथ राज्य पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय रहेगी। चुनाव आयोग के साथ हुई बैठकों में सुरक्षा के हर पहलू की समीक्षा की गई है, ताकि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। प्रशासन का दावा है कि इस बार सुरक्षा इतनी सख्त रहेगी कि किसी भी तरह की अराजकता के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष सतर्कता
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक इस बार दूसरे चरण के मतदान में संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों पर खास फोकस रखा गया है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को पहले ही खत्म किया जा सके।
कहां कितनी फोर्स?
चुनाव आयोग ने दूसरे चरण के मतदान से पहले सुरक्षा तैनाती का पूरा खाका तय कर दिया है। किन जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में कितनी फोर्स तैनात होगी, इसकी संख्या क्षेत्र की संवेदनशीलता और पिछली चुनावी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्धारित की गई है। मतदान से पहले और मतदान के दिन हर संवेदनशील इलाके में पर्याप्त बल की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
कड़ा पहरा, तैनात रहेंगी 2321 कंपनियां
दूसरे चरण के मतदान को हिंसामुक्त और निष्पक्ष बनाने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा का व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार किया है। जिला और पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर बलों की तैनाती तय कर दी गई है, जबकि संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। कुल 2321 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात की जाएंगी। इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए 142 जनरल ऑब्जर्वर, 95 पुलिस ऑब्जर्वर और 100 अन्य पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, ताकि हर स्तर पर पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित हो सके।
कहां कितनी तैनाती?
- उत्तर 24 परगना और आसपास
- बारासात पुलिस जिला: 112 कंपनी
- बनगांव पुलिस जिला: 62 कंपनी
- बरासात (बशीरहाट) पुलिस जिला: 123 कंपनी
- बिधाननगर पुलिस जिला: 50 कंपनी
- बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट: 160 कंपनी
दक्षिण 24 परगना क्षेत्र
- सुंदरबन पुलिस जिला: 113 कंपनी
- बारुईपुर पुलिस जिला: 161 कंपनी
- डायमंड हार्बर पुलिस जिला: 135 कंपनी
औद्योगिक क्षेत्र
- आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट: 13 कंपनी
हावड़ा जिला
- हावड़ा ग्रामीण: 147 कंपनी
- हावड़ा पुलिस कमिश्नरेट: 110 कंपनी
नदिया जिला
- कृष्णानगर पुलिस जिला: 158 कंपनी
- रानाघाट पुलिस जिला: 127 कंपनी
हुगली और वर्धमान (सबसे ज्यादा तैनाती)
- चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट: 80 कंपनी
- हुगली ग्रामीण: 234 कंपनी
- पूर्व वर्धमान: 260 कंपनी
- कोलकाता पुलिस: 273 कंपनी
इन व्यापक सुरक्षा इंतजामों से साफ है कि दूसरे चरण के मतदान को लेकर प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है और हर क्षेत्र में कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। चुनाव आयोग का स्पष्ट उद्देश्य है कि मतदान पूरी तरह निष्पक्ष और हिंसा मुक्त माहौल में संपन्न हो। इसके लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, ताकि आम मतदाता बिना किसी डर या दबाव के घरों से निकलकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
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डायमंड हार्बर में धमकी देने वालों पर कार्रवाई
चुनाव आयोग के निर्देश के बाद डायमंड हार्बर में बाइक से आकर मतदाताओं को धमकाने के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ असामाजिक तत्व मतदान को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे, जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई। प्रशासन ने साफ किया है कि डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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