संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य करना सही है, जैसे अन्य राज्यों में स्थानीय भाषाएं जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि यह ड्राइवरों के हित में है और उन्हें स्थानीय लोगों से जुड़ने में मदद करेगा।
महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इसी बीच अब इस मामले में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह नियम किसी एक राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश में स्थानीय भाषा के सम्मान के लिए होना चाहिए। राउत ने कहा कि जैसे पश्चिम बंगाल में बांग्ला, गुजरात में गुजराती, कर्नाटक में कन्नड़ और पंजाब में पंजाबी भाषा जरूरी है, तो महाराष्ट्र में मराठी भाषा को अनिवार्य किए जाने से दिक्कत क्यों?
उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र में स्थानीय भाषा को जरूरी बनाया जा रहा है तो इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के कारण मराठी भाषा का विरोध कर रहे हैं, जो सही नहीं है। संजय राउत ने यह भी कहा कि यह नियम ड्राइवरों के खिलाफ नहीं बल्कि उनके अपने फायदे के लिए है। अपने बयान में राउत ने इस बात पर जोर दिया कि अगर ऑटो और टैक्सी चालक मराठी भाषा समझेंगे तो उन्हें स्थानीय लोगों से बातचीत करने और काम करने में आसानी होगी।