तमिलनाडु विधानसभा के चुनाव में महज नौ दिनों का समय शेष रह गया है। ऐसे में मंगलवार को भाजपा ने अपना घोषणापत्र जारी किया। घोषणापत्र में किए गए वादों से एक बात तो साफ हो गई कि इस बार पार्टी ने चुनाव में महिलाओं पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी की है। आइए जानते हैं कि भाजपा के घोषणापत्र में क्या-क्या है?
तमिलनाडु में इसी महीने होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जहां एक ओर सियासत में जबरदस्त गर्माहट देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर अब राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां भी और तेज कर दी है। इसी क्रम में भाजपा ने चेन्नई में आगामी चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन, भाजपा नेता के अन्नामलाई और तमिलिसाई सुंदरराजन मौजूद रहे।
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इंफ्रास्ट्रक्चर और रेल परियोजनाओं पर भी फोकस
इसके साथ ही पार्टी ने तमिलनाडु में रेल नेटवर्क को मजबूत करने का भी वादा किया है। इसमें चेन्नई-बंगलूरू और चेन्नई-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, कोयंबटूर-तिरुप्पुर-सलेम RRTS, और नई वंदे भारत ट्रेनों को दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से जोड़ने जैसी योजनाएं शामिल हैं। दूसरी ओर भाजपा की सहयोगी AIADMK ने भी अपने घोषणापत्र में महिला मुखियाओं को 2,000 रुपये देने का वादा किया है। इसके अलावा राशन कार्ड धारकों को चावल के साथ दाल, फ्री फ्रिज, और पुरुषों के लिए भी मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाएं शामिल हैं।
तमिलनाडु चुनाव पर क्या बोले जेपी नड्डा?
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तमिलनाडु की राजनीति और राज्य की मौजूदा सरकार पर बड़ा बयान भी दिया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक का केंद्र रहा है और हर भारतीय इसके सांस्कृतिक गौरव पर गर्व करता है। नड्डा ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज यही सांस्कृतिक राज्य अपराधों का केंद्र बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है और इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ डीएमके सरकार को जिम्मेदार ठहराया। जेपी नड्डा ने कहा कि डीएमके सरकार ने तमिलनाडु को कई मोर्चों पर कमजोर किया है और जनता अब इसका जवाब चुनाव में देगी। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में लोग डीएमके की नीतियों और कामकाज को उजागर करेंगे।
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डीएमके को बताया परिवारवादी पार्टी
इस दौरान नड्डा ने डीएमके को एक परिवारवादी पार्टी भी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में सत्ता कुछ ही लोगों के हाथों में केंद्रित है। नड्डा के अनुसार मुख्यमंत्री एमके स्टालिन शीर्ष पर हैं, उनके बेटे उदयनिधि उत्तराधिकारी की भूमिका में हैं, कनिमोझी सहयोगी हैं और सबरीसन पार्टी के संचालन से जुड़े हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके ने महिलाओं, युवाओं और किसानों के विश्वास को तोड़ा है और उनके हितों की अनदेखी की है।