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एसआईआर: गुजरात में एक और BLO की दिल का दौरा पड़ने से मौत; विपक्ष ने काम के दवाब का लगाया आरोप

Fri, 28 Nov 2025 05:01 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद
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देश के 12 राज्यों में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के मौत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। गुजरात के मेहसाणा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के रूप में कार्यरत एक स्कूल शिक्षक की शुक्रवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। विपक्षी दल कांग्रेस और शिक्षक संघ ने बीएलओ की मौत का कारण अत्यधिक काम का दबाव और सुविधाओं की कमी बताया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया।

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ससतलासना थाने के उपनिरीक्षक उदयसिंह जाला ने बताया, सुदासना गांव निवासी 50 साल के दिनेश रावल की गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वह गांव के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे और हाल ही में उन्हें एसआईआर के लिए बीएलओ बनाया गया था। जाला ने बताया कि रावल की घर पर तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें वडनगर के एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

विपक्ष ने लगाए आरोप
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दिल का दौरा बताया गया है तथा उनके परिवार या उनके सहयोगियों ने अभी तक किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने आरोप लगाया कि बीएलओ पर निर्धारित कार्य समय पर पूरा करने का भारी दबाव है। उधर गुजरात राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिग्विजयसिंह जडेजा ने कहा कि उन्हें अन्य शिक्षकों से पता चला है कि रावल बीएलओ संबंधी कार्य के कारण दबाव में थे।
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जडेजा ने कहा, मैं सरकार से कोई विकल्प ढूंढने का आग्रह करता हूं क्योंकि बीएलओ के रूप में तैनात शिक्षक भारी दबाव में हैं। उन्हें पूरे साल शिक्षक और बीएलओ दोनों के रूप में काम करना पड़ता है। कुछ लोग तो इस काम को पूरा करने के लिए रात भर काम कर रहे हैं।

पिछले सप्ताह भी बीएलओ की हो चुकी है मौत
इससे पहले 20 नवंबर को, गुजरात के खेड़ा जिले में बीएलओ के रूप में कार्यरत एक स्कूल शिक्षक रमेशभाई परमार की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। परमार के परिवार ने उनकी मृत्यु का कारण जारी एसआईआर से जुड़े अत्यधिक काम के दबाव को बताया है। अगले ही दिन, गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में बीएलओ के पद पर तैनात एक स्कूल शिक्षक अरविंद वढेर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। वढेर के परिवार ने दावा किया कि उन्होंने एसआईआर के काम से मानसिक तनाव और थकान का हवाला देते हुए एक नोट छोड़ा था।
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