प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें सुशासन, प्रशासनिक सुधार और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर चर्चा की गई। बैठक में मंत्रालयों के कामकाज, आर्थिक विकास, ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों की समीक्षा के साथ भविष्य की रणनीति पर भी मंथन किया गया। पढ़िए रिपोर्ट-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ बैठक की। इस दौरान कारोबार और आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए सुधारों तथा आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
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बैठक में सचिवों ने अपने-अपने मंत्रालयों की ओर से इन दोनों विषयों पर किए जा रहे प्रमुख कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को जमीन पर उतारने के लिए उठाए जा रहे कदमों, विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों और शासन व्यवस्था व सेवा वितरण को बेहतर बनाने की भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की।
पीएम मोदी ने विभागों के बीच तालमेल पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों में बंटकर काम करने की बजाय समन्वित योजना बनानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने पीएम गतिशक्ति मंच का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी, ताकि विभागों के बीच बेहतर तालमेल और सही निर्णय लिए जा सकें।
प्रधानमंत्री ने सचिवों से कहा कि वे सरकारी योजनाओं का लोगों के जीवन पर पड़ने वाले वास्तविक असर पर खास ध्यान दें।