फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुंबई हमले के गुनहगारों पर होगी कार्रवाई: आतंकी हाफिज सईद-लखवी समेत छह पर कसेगा शिकंजा, इंटरपोल जारी करेगा समन

सार

मुंबई पुलिस ने 26/11 आतंकी हमलों के मामले में हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी समेत छह फरार आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल के जरिए समन जारी कराने के लिए गृह मंत्रालय से संपर्क किया है। 
Register For Event
विज्ञापन
हाफिज सईद, लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुंबई पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापकों हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी समेत छह फरार आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल के जरिए कोर्ट के समन या वारंट जारी करवाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क किया है। इससे 26/11 के आतंकी हमलों में उनकी भूमिका के लिए उनकी गैर-मौजूदगी में मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है।

अंतरिम रिपोर्ट में क्या था? 

विज्ञापन

स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने शुक्रवार को पुलिस की ओर से एक अंतरिम रिपोर्ट पेश की। यह रिपोर्ट इस साल जुलाई में फरार आरोपियों के खिलाफ जारी उस उद्घोषणा आदेश के बारे में थी, जिसके तहत उनकी गैर-मौजूदगी में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की जानी है।

उज्ज्वल निकम ने क्या कहा? 
आतंकवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही स्पेशल कोर्ट में निकम ने कहा, 'हमने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर पाकिस्तान में रह रहे आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल के जरिए उद्घोषणा आदेश तामील कराने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। 3 अगस्त को गृह मंत्रालय ने हमारी अपील को स्वीकार कर लिया था। इस मामले की स्थिति बताने के लिए समय मांगा था।'

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 356 के तहत, उन घोषित अपराधियों के खिलाफ उनकी गैर-मौजूदगी में भी पूरा आपराधिक मुकदमा चलाने का प्रावधान है, जो मुकदमे से बचने के लिए भाग गए हैं। जिनके तुरंत गिरफ्तार होने की कोई संभावना नहीं है।

कोर्ट ने क्या आदेश जारी किया था? 

विज्ञापन

26/11 हमलों के मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने सईद, लखवी और अन्य फरार आरोपियों साजिद मीर, अबू अलकामा, आसिम उर्फ अबू कहफा और मेजर अब्दुर रहमान पाशा  के खिलाफ उद्घोषणा आदेश जारी किए थे। ये सभी पाकिस्तानी नागरिक हैं।

हमले में इन लोगों की भूमिका का जिक्र आतंकवादी अजमल कसाब और आरोपी से सरकारी गवाह बने डेविड हेडली ने किया था। कसाब अकेला ऐसा पाकिस्तानी आतंकवादी था जो नवंबर 2008 में 26/11 के मुंबई हमलों के दौरान जिंदा पकड़ा गया था। बड़े पैमाने पर हत्या और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का दोषी पाए जाने पर उसे मौत की सजा सुनाई गई और 21 नवंबर 2012 को पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में फांसी दे दी गई।

कितने लोगों की मौत हुई थी? 
2008 के मुंबई आतंकी हमलों में कुल 166 लोग मारे गए थे (जिनमें छह अमेरिकी भी शामिल थे)। इन हमलों में 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई की मशहूर और अहम जगहों पर लोगों को निशाना बनाते हुए 60 घंटे से ज्यादा समय तक घेराबंदी की थी।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें