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साल 2022 तक 3.73 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा मीडिया-मनोरंजन उद्योग

Mon, 28 Jan 2019 05:58 AM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • साल 2017 में यह उद्योग 30.36 अरब डॉलर का था
  • 11.7 फीसदी की दर से साल-दर-साल बढ़ेगा यह उद्योग
  • 32 डॉलर होगा 2021 से देश में मीडिया एवं मनोरंजन पर प्रतिव्यक्ति वार्षिक खर्च 
  • 2022 तक देश का वीडियो ओटीटी बाजार दुनिया के शीर्ष-10 बाजार में होगा शामिल
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Eagle.net
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विस्तार
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देश का मीडिया और मनोरंजन उद्योग 2022 तक साल-दर-साल के हिसाब से 11.7 फीसदी बढ़कर 52.68 अरब डॉलर (करीब 3.73 लाख करोड़ रुपये) का हो जाएगा। 2017 में यह उद्योग 30.36 अरब डॉलर का था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसका कारण खर्च करने योग्य आय, आबादी और सभी प्रारूपों में सामग्री (कंटेंट) का उपभोग बढ़ना होगा। एसोचैम-पीडब्ल्यूसी (प्राइसवाटरहाउस कूपर्स) के संयुक्त अध्ययन वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि टीवी एवं सिनेमा जैसे पारंपरिक मीडिया के अलावा इंटरनेट के माध्यम से मुहैया होने वाली सामग्री (ओटीटी) सेवाओं जैसे नए पीढ़ी के प्लेटफॉर्म इस उद्योग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगे। 

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रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर ओटीटी बाजार 2017 से 2022 के बीच साल-दर-साल 10.1 फीसदी बढ़ेगा। इस दौरान देश में इसकी वृद्धि 22.6 फीसदी होगी और इसका आकार 29.7 करोड़ डॉलर (1,931 करोड़ रुपये) से बढ़कर 82.3 करोड़ डॉलर (5,363 करोड़ रुपये) हो जाएगा। साथ ही इस अवधि तक देश का वीडियो ओटीटी बाजार दुनिया के शीर्ष-10 बाजार में शामिल होगा। इसमें आगे कहा गया है कि टीवी, सिनेमा एवं ओटीटी मिलकर 2017 से 2022 की अवधि के लिए भारतीय मनोरंजन एवं मीडिया उद्योग की कुल वृद्धि में 46 फीसदी का योगदान करेंगे।

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109 लाख करोड़ एमबी डाटा खपत

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2022 तक डाटा उपभोग बढ़कर 2017 के 7.16 लाख करोड़ मेगाबाइट (एमबी) से बढ़कर 109.65 लाख करोड़ मेगाबाइट हो जाएगा। वहीं, 2021 से देश में मीडिया एवं मनोरंजन पर प्रतिव्यक्ति वार्षिक खर्च 32 डॉलर होगा, जबकि चीन में यह 222 डॉलर और अमेरिका में 2260 डॉलर होगा। 

प्रतिद्वंद्वी हैं नेटफ्लिक्स-अमेजन  

पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर एंड लीडर (मनोरंजन एवं मीडिया सेक्टर) के फ्रैंक डिसूजा का कहना है कि ओटीटी सेवा के शुभारंभ के साथ वीडियो-ऑन-डिमांड (वीओडी) मीडिया उद्योग में व्यवधान डालने के मामले में सबसे आगे है। नेटफ्लिक्स और अमेजन जैसी कंपनियों के उत्पादन बजट अब पारंपरिक स्टूडियो के प्रतिद्वंद्वी हैं।
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