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महाराष्ट्रः पूर्व नौसेना अधिकारी की पिटाई के बाद बैकफुट पर शिवसेना

Mon, 14 Sep 2020 08:53 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई

सार

अब लीगल सेल के जरिए शिवसेना के दुश्मनों पर रखी जा रही निगाह, एफआईआर दर्ज  करने की तैयारी...
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पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा - फोटो : ANI (File)
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विस्तार
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मुंबई में पूर्व नौसेना अधिकारी की पिटाई से खासी किरकिरी झेल चुकी शिवसेना बैकफुट पर है। इसलिए पार्टी ने अपना पैंतरा बदल दिया है। शिवसेना अब उद्धव ठाकरे या पार्टी के खिलाफ किए गए किसी आपत्तिजनक पोस्ट या कमेंट के मामले में मारपीट करने की बजाए कानून का सहारा लेगी। इसलिए अपने लीगल सेल को सतर्क कर दिया है, जो सोशल मीडिया पर शिवसेना के दुश्मनों पर बारीकी से निगाह रखेगा और फिर उस पर कानून का डंडा चलेगा।

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मुंबई में शिवसेना अपने तेवर के लिए जानी जाती है। लेकिन अभिनेत्री कंगना रणौत के ऑफिस में बीएमसी की तोड़फोड़ के बाद पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा के साथ मारपीट के मामले में शिवसेना की खासी किरकिरी हो चुकी है। हालांकि पार्टी ने इस घटना से यह संदेश दे दिया है कि शिवसेना के खिलाफ बोलना कितना महंगा पड़ सकता है।

शिवसेना के सूत्रों के अनुसार लीगल सेल को यह कहा गया है कि ऑनलाइन चेक करते रहिए और जो कोई सोशल मीडिया पर शिवसेना के बारे में गलत पोस्ट या कमेंट करता है, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराओ। इसके बाद पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। पुलिस की गिरफ्त से बाहर आने के बाद जब उसे 5-6 साल तक कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ेगा, तब उसकी अक्ल ठिकाने आ जाएगी। लीगल सेल ने इस तरह के मामले में अब तक दो लोगों के खिलाफ एफआईआर भी कराई हैं।

हाईकोर्ट के फैसले से मिला बल

शिवसेना को हाल ही में बांबे हाईकोर्ट के एक फैसले से भी बल मिला है जिसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के खिलाफ अपमानजक टिप्पणी का आरोप झेल रही एक महिला की सुरक्षा की मांग खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि बोलने की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी पूर्ण अधिकार नहीं है।

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आरोपी महिला सुनैना होली के खिलाफ पालघर पुलिस और बीकेसी साइबर क्राइम मुंबई में मामला दर्ज है। सुनैना ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। साथ ही, पुलिस सुरक्षा की भी मांग की थी। शिवसेना के एक बरिष्ठ नेता का कहना है कि जब कानूनन कार्रवाई हो सकती है तो मारपीट करने की क्या जरूरत है।

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