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महाराष्ट्र : सीजेआई एनवी रमना बोले- विचारों के साथ मिश्रित समाचार एक 'खतरनाक कॉकटेल'

Thu, 30 Dec 2021 12:21 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, मुंबई

सार

भारत के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने मुंबई प्रेस क्लब द्वारा वर्चुअल इंटरफेस के माध्यम से आयोजित 'रेड इंक्स अवार्ड' को संबोधिक करते हुए पत्रकारों को समाचारों में वैचारिक पूर्वाग्रहों से ग्रसित होने की प्रवृत्ति के प्रति आगाह किया और कहा कि तथ्यात्मक रिपोर्टों, व्याख्याओं और विचारों को अलग रखना चाहिए।विचारों के साथ मिश्रित समाचार एक खतरनाक कॉकटेल है।
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सीजेआई एनवी रमना - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने बुधवार को कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र सिर्फ निडर और स्वतंत्र प्रेस के साथ ही फल-फूल सकता है। विचारों के साथ मिश्रित समाचार एक खतरनाक कॉकटेल है। सीजेआई ने पत्रकारों को समाचार में वैचारिक पूर्वाग्रहों की प्रवृत्ति के खिलाफ आगाह भी किया। साथ ही सलाह दी कि तथ्यात्मक रिपोर्टों को व्याख्याओं और विचारों से  अलग रखना चाहिए।

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मुंबई प्रेस क्लब के रेड इंक्स अवार्ड में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये दिये संबोधन में सीजेआई ने कहा, आजकल की रिपोर्टिंग में वैचारिक पुट अधिक होता है। खबरों में पक्षपात दिखाई देता है। खबरों का विचारों से यह मिश्रण बेहद खतरनाक है। सीजेआई ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा, एक मजबूत लोकतंत्र के लिए पत्रकारिता और सच्ची रिपोर्ट जरूरी है। समाचारों को एक निश्चित रंग देने के लिए तथ्यों की चेरी लगाना अफसोसजनक है। उन्होंने कहा, लोकतंत्र के लिए संघर्षपूर्ण राजनीति और प्रतिस्पर्धी पत्रकारिता के कॉकटेल से अधिक घातक कुछ नहीं हो सकता।  सीजेआई ने कहा, अपने आप को किसी विचारधारा या राज्य द्वारा सह देना आपदा का एक नुस्खा है।


उन्होंने कहा, पत्रकार एक मायने में न्यायाधीशों की तरह होते हैं। आप जिस विचारधारा को मानते हैं और जिस विश्वास को आप प्रिय मानते हैं, उसके बावजूद आपको उनसे प्रभावित हुए बिना अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। आपको पूरी और सटीक तस्वीर देने के लिए केवल तथ्यों की रिपोर्ट करनी चाहिए।

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सीजेआई ने अदालत के फैसलों की चर्चा और व्याख्या की बढ़ती प्रवृत्ति के बारे में भी बात की। विशेष रूप उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी, न्यायपालिका पर हमले, दूसरों के बीच में दखल देना जैसे मुद्दे को उठाया और कहा कि प्रेस को न्यायपालिका में विश्वास दिखाना चाहिए।

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