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लोकसभा: बजट सत्र के दूसरे चरण में होगी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, नोटिस नौ मार्च को पेश करेगा विपक्ष

Wed, 11 Feb 2026 11:45 AM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

No Confidence Notice: लोकसभा सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों द्वारा ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष पद से हटाने के लिए प्रस्तुत नोटिस में खामियां पाई गईं। बता दें कि मंगलवार को विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ नोटिस दिया था। ऐसे में 9 मार्च को इस पर चर्चा की जा सकती है। 
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ओम बिरला के खिलाफ नोटिस में मिली कमी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संसद का बजट सत्र जारी है। इस बीच विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया, जिसके बाद अब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नोटिस में खामियां सामने आई है, जिसके संशोधन के निर्देश दिए गए हैं।
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दरअसल, अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए है। इस बीच अब लोकसभा सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष ओम बिरला ने सचिवालय को विपक्ष द्वारा प्रस्तुत दोषपूर्ण नोटिस को खारिज होने से बचाने के लिए उसमें संशोधन करने का निर्देश दिया और त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है।

अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में मिली कमियां
लोकसभा सचिवालय सूत्र के मुताबिक विपक्षी सांसदों के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने की मांग वाले नोटिस में कमियां पाई गई हैं। नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार जिक्र है, जिसके आधार पर नियमों के मुताबिक इसे खारिज किया जा सकता था।
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हालांकि, स्पीकर ने सचिवालय को नोटिस की कमियों को ठीक करने और आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ओम बिरला ने नियमों के मुताबिक तेजी से कार्रवाई करने का आदेश दिया है। बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने के बाद नोटिस को लिस्ट किया जाएगा। बदला हुआ नोटिस मिलने के बाद तय नियमों के मुताबिक इसकी तुरंत जांच की जाएगी। 

अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा संभव
विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। बता दें कि 13 फरवरी को बजट सत्र के पहले सत्र का अंतिम दिन है। इसके बाद 8 मार्च से सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी और  9 मार्च को चर्चा की जा सकती है। 

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विपक्ष ने लगाया ये आरोप
बता दें कि मंगलवार (10 फरवरी) को कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिस पर 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए। सूत्रों के अनुसार विपक्षी सांसदों ने 'स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण' आचरण का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं दी गई।

किन-किन घटनाओं का किया जिक्र
अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में अध्यक्ष के खिलाफ चार घटनाओं का उल्लेख किया गया है, जिसमें विपक्ष का यह आरोप भी शामिल है कि लोकसभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसी के साथ विपक्षी सांसदों ने आठ सांसदों के निलंबन, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों पर किए गए "आपत्तिजनक और व्यक्तिगत हमलों" और स्पीकर ओम बिरला के उस बयान को भी मुद्दा बनाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ कांग्रेस सांसदों के प्रधानमंत्री की सीट पर आकर 'घटना को अंजाम देने' की सूचना मिलने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
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सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हो रहे बिरला
इस बीच सूत्रों के अनुसार स्पीकर ओम बिरला ने नैतिक आधार पर यह निर्णय लिया है कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के निपटारे तक वे सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। 

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